सीतापुर(उत्तर प्रदेश): जनपद में अपराध नियंत्रण और शातिर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खैराबाद थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर चोरी की योजना बना रहे दो शातिर अभियुक्तों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस, टॉर्च और चोरी करने के कई उपकरण बरामद हुए हैं। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर हुई इस त्वरित कार्रवाई से कस्बे में होने वाली चोरी की दो बड़ी वारदातें समय रहते टल गईं।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आलोक सिंह के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी नगर कपूर कुमार के नेतृत्व में खैराबाद पुलिस की टीम शनिवार की रात क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान उप-निरीक्षक रजनीश कुमार वर्मा को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन खैराबाद के दूसरी तरफ पुलिया के पास, आम के पेड़ के नीचे दो संदिग्ध व्यक्ति हथियारों के साथ बैठे हैं। वे कस्बा खैराबाद के सुनसान मकानों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
बंद मकानों को बनाते थे निशाना
पकड़े गए आरोपियों की पहचान सलामुद्दीन उर्फ छोटू निवासी ग्राम मधईपुर, थाना बिसवां और उमेश कश्यप निवासी मोहल्ला पनवड़िया, थाना खैराबाद के रूप में हुई है। पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे खैराबाद और सीतापुर के विभिन्न इलाकों में दिन के समय घूम-घूमकर रेकी करते थे। इसके बाद सूने और सुनसान मकानों को चिन्हित कर वहां चोरी व टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
तलाशी के दौरान उनके पास से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो टॉर्च, एक लोहे का प्लास और पेचकस बरामद हुआ है। अभियुक्तों ने बताया कि यदि चोरी के दौरान कोई उन्हें पकड़ने का प्रयास करता, तो वे लोगों को डराने और धमकाने के लिए तमंचा पास रखते थे। शनिवार की रात भी वे दो अलग-अलग सुनसान मकानों में चोरी की अंतिम योजना बना रहे थे।
आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस ने दोनों शातिर चोरों के खिलाफ मु0अ0सं0 160/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 313 और 25 1(B) आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी सलामुद्दीन उर्फ छोटू का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ थाना बिसवां में पहले से ही चोरी और आर्म्स एक्ट के तीन मामले दर्ज हैं।
इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उप-निरीक्षक रजनीश कुमार वर्मा के साथ आरक्षी कर्मवीर सिंह, पीयूष सिंह, गौरव सिंह और विकास कुमार मुख्य रूप से शामिल रहे।