नियमों के उल्लंघन और पट्टा नवीनीकरण न होने पर प्रशासन सख्त; 15 मई को जिलाधिकारी न्यायालय में होगी सुनवाई
सीतापुर(संवाददाता)।जिलाधिकारी न्यायालय ने नगर पालिका परिषद सीतापुर के सिविल लाइन्स स्थित मिशन स्कूल के कब्जे वाली नजूल भूमि के एक बड़े हिस्से को पुनर्गृहीत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन ने करीब 3.562 हेक्टेयर भूमि का पट्टा निरस्त करने और उसे शासन के पक्ष में निहित करने के लिए मिशन स्कूल प्रबंधन को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। इस भूमि पर जनहित में वेंडिंग जोन विकसित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने का प्रस्ताव है।
पट्टे की शर्तों के उल्लंघन का आरोप
जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, नजूल भूखंड संख्या 1495 (क्षेत्रफल 13 बीघा 17 बिसवां 8 सही 8/20 विस्वांसी) मूल रूप से 'बंगला मिशन' के विशिष्ट प्रयोजन के लिए पट्टे पर दी गई थी। उपजिलाधिकारी सदर और अधिशासी अधिकारी की संयुक्त जाँच में पाया गया कि वर्तमान में इस भूमि पर चर्च, स्कूल, खेल का मैदान, हॉस्टल और मैनेजर कोठी आदि निर्मित हैं, जो मूल पट्टे की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, अभिलेखों में पट्टे की समाप्ति तिथि या नवीनीकरण का कोई विवरण नहीं मिला है, जिससे यह माना जा रहा है कि पट्टा अवधि समाप्त हो चुकी है。
शहर के विकास के लिए भूमि की आवश्यकता
नगर पालिका परिषद, सीतापुर ने प्रस्ताव दिया है कि इस भूमि का उपयोग जनोपयोगी कार्यों के लिए किया जाए。 प्रशासन की योजना है कि इस 3.562 हेक्टेयर रिक्त भूमि पर सुनियोजित तरीके से वेंडिंग जोन बनाया जाए, ताकि सड़कों पर लगने वाली भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और यातायात व्यवस्था सुधारी जा सके।
15 मई को होगी सुनवाई
प्रशासन ने पट्टेदारों और मामले से जुड़े सभी संबंधित पक्षों को अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराने के लिए 15 दिन की मोहलत दी है। मामले की आधिकारिक सुनवाई 15 मई, 2026 को सुबह 11:00 बजे जिलाधिकारी/कलेक्टर न्यायालय, सीतापुर में नियत की गई है। इस दौरान प्रभावित पक्ष स्वयं या अपने कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर अपनी दलीलें और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं। नोटिस में यह भी साफ कर दिया गया है कि यदि तय समय के भीतर कोई ठोस जवाब नहीं मिलता या संबंधित पक्ष अनुपस्थित रहता है, तो प्रशासन एकपक्षीय कार्यवाही करेगा। ऐसी स्थिति में पट्टा निरस्त माना जाएगा और 3.562 हेक्टेयर भूमि को बिना किसी मुआवजे के सभी भारों से मुक्त कर पुनः राज्य सरकार के अधिकार में ले लिया जाएगा।
खरीद-फरोख्त और निर्माण पर रोक
कार्यवाही लंबित रहने तक जिलाधिकारी ने उक्त भूखंड के किसी भी हिस्से के हस्तांतरण, बिक्री, उपहार, नए निर्माण या उपयोग परिवर्तन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। उप-निबंधक और हल्का लेखपाल को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। इस आदेश के विरुद्ध किया गया कोई भी लेन-देन शून्य माना जाएगा।
0 टिप्पणियाँ