#सीतापुर:हाथ धुलवाते ही पानी हुआ गुलाबी: घूसखोर पेशकार का वसूली नेटवर्क ध्वस्त

सीतापुर(उत्तर प्रदेश): मिश्रिख तहसील परिसर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए न्यायिक तहसीलदार कार्यालय में तैनात घूसखोर नाजिर संबद्ध पेशकार अनीस अहमद और उसके प्राइवेट गुर्गे रोहित सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी एक पीड़ित किसान से दाखिल-खारिज के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे थे। विजिलेंस की इस अचानक छापेमारी से पूरी तहसील में अफरा-तफरी मच गई और कई बाबू व अधिकारी अपनी कुर्सियां छोड़कर भाग खड़े हुए। टीम दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
दाखिल-खारिज के नाम पर मांग रहा था रिश्वत
पीड़ित किसान अपने दाखिल-खारिज के काम के लिए लंबे समय से तहसील के चक्कर काट रहा था। आरोप है कि न्यायिक तहसीलदार के पेशकार पद पर संबद्ध अनीस अहमद ने काम के बदले मोटी रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित द्वारा बिना सुविधा शुल्क के काम करने की गुहार लगाने पर भी उसे लगातार टरकाया जा रहा था। सरकारी तंत्र की इस घूसखोरी से तंग आकर आखिरकार पीड़ित ने मामले की लिखित शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी।
विजिलेंस टीम की रेड से मचा हड़कंप
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस की टीम तत्काल हरकत में आई और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। योजना के मुताबिक, जैसे ही पीड़ित किसान ने केमिकल लगे नोट अनीस अहमद और अपर तहसीलदार के यहाँ कार्यरत उसके प्राइवेट सहयोगी रोहित सिंह को थमाए, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी एंटी करप्शन टीम ने दोनों को दबोच लिया। छापेमारी होते ही तहसील परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
हाथ धुलवाते ही गुलाबी हुआ पानी, खुली पोल
विजिलेंस की टीम ने जब मौके पर ही दोनों आरोपियों के हाथ धुलवाए, तो पानी का रंग तुरंत गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की मौके पर ही पुष्टि हो गई। कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद टीम दोनों को अपने साथ ले गई। इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर राजस्व विभाग में फैली बाबूशाही, भ्रष्टाचार और सरकारी कुर्सियों की आड़ में चल रहे अवैध वसूली के खेल को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।

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