सीतापुर(उत्तर प्रदेश):जनपद के संदना थाना क्षेत्र में एक अत्यंत सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक अज्ञात सिर कटे शव की गुत्थी सुलझाते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस वीभत्स हत्याकांड के तार करीब 12 साल पुराने एक अन्य मर्डर केस और अवैध संबंधों से जुड़े हैं। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देशन में स्वाट, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस जटिल मामले की परतें खोलकर रख दीं।
खेत में मिला था बिना सिर का धड़
26 जुलाई 2026 को थाना संदना क्षेत्र के ग्राम पट्टी नेवादा में सूरज बली के खेत में एक अज्ञात व्यक्ति का सिर कटा शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने तत्काल पंचायतनामा भरकर शव को मोर्चरी हाउस सीतापुर भिजवाया। अगले दिन ग्राम प्रधान की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की सर्विलांस टीम ने जब सुरागरसी की, तो मृतक की शिनाख्त भुपई यादव पुत्र बच्चू यादव, उम्र करीब 42 वर्ष, निवासी ग्राम बहूनगर, थाना खैराबाद, सीतापुर के रूप में हुई।
अवैध संबंध और ₹50,000 के लालच में रची साजिश
जांच में सामने आया कि करीब 12-14 साल पहले वर्ष 2014 में अभियुक्ता शशी देवी और मृतक भुपई यादव ने मिलकर शशी देवी के पति गोविंद कुमार की हत्या कर दी थी, जिसका मुकदमा लखनऊ के बक्शी का तालाब थाने में दर्ज हुआ था। उस मामले में शशी देवी छह महीने बाद जमानत पर बाहर आ गई थी, जबकि भुपई यादव हाल ही में जेल से छूटकर आया था। हाल ही में भुपई के एक अन्य महिला से अवैध संबंध हो गए थे, जिसके चलते रंजिश और राजेश द्वारा दिए गए ₹50,000 के लालच में यह खौफनाक साजिश रची गई। 25 जुलाई की रात आरोपियों ने भुपई को अत्यधिक शराब पिलाकर धारदार बांके से उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी।
निशानदेही पर कटा सिर और आलाकत्ल बरामद
पुलिस पूछताछ के दौरान अभियुक्ता शशी देवी की निशानदेही पर घटनास्थल से 200 मीटर दूर खेत के कोने में गड्ढा खोदकर छिपाया गया मृतक का कटा हुआ सिर बरामद कर लिया गया। इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त लोहे का बांका आलाकत्ल और मृतक के खून से सने कपड़े भी झाड़ियों से ढूंढ निकाले गए। पुलिस ने संलिप्त अभियुक्तों शशी देवी और उसके भाई रिंकू को गिरफ्तार कर लिया है तथा उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष चालान किया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई में थाना संदना पुलिस और स्वाट/सर्विलांस टीम के अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
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