#सीतापुर:थाने से लौटे युवक की सदमे से मौत, फर्जी आरोप लगाने वाले मौसेरे भाई समेत 3 पर मुकदमा.

सीतापुर(उत्तर प्रदेश):मछरेहटा थाना पुलिस की पूछताछ के बाद घर लौटे एक युवक की सदमे से हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मौसेरे भाई द्वारा लगाए गए चोरी के आरोप को पुलिस जांच में फर्जी पाया गया था, लेकिन बदनामी और मानसिक प्रताड़ना का शिकार हुआ युवक इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सका। युवक की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने शिकायतकर्ता मौसेरे भाई समेत तीन लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
झूठी शिकायत और बदनामी
कोतवाली देहात क्षेत्र के हुसैनगंज निवासी मुन्नी लाल को उनके ही मौसेरे भाई संजय ने विवाद में फंसाने के लिए मछरेहटा थाने में चोरी की फर्जी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस मुन्नी लाल को पूछताछ के लिए थाने ले गई। हालांकि, शुरुआती तफ्तीश और आपसी बातचीत में मामला पूरी तरह फर्जी पाया गया, जिसके बाद 20 जून को दोनों पक्षों में लिखित समझौता कराकर मुन्नी लाल को परिजनों के साथ सकुशल घर भेज दिया गया था।
सदमा नहीं झेल पाया मुन्नीलाल
थाने से घर लौटने के बाद मुन्नी लाल समाज में हुई बदनामी और झूठे आरोप के कारण गहरे मानसिक अवसाद  में चले गए। परिजनों के मुताबिक, बेकसूर होने के बावजूद पुलिसिया पूछताछ की टीस उनके दिल में बैठ गई थी। इसी मानसिक तनाव के चलते रविवार को उनकी आकस्मिक मृत्यु हो गई। मुन्नी लाल की मौत होते ही परिवार में कोहराम मच गया और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे।
तीन पर केस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सीतापुर पुलिस तुरंत एक्शन में आई। परिजनों ने विपक्षी संजय व अन्य पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ सुसंगत गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों के आधार पर आगे की कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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