ई-चालान व्यवस्था में बड़ा फेरबदल: तीन से चार दिन प्रभावित रहेंगी सेवाएं, 'नेक्स्ट जेन' ऐप से ही कटेंगे चालान.

लखनऊ/सीतापुर(संवाददाता):परिवहन विभाग की ई-चालान व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। विभाग ने आधुनिक तकनीक से लैस 'नेक्स्ट जेन ई-चालान' मोबाइल ऐप और नया पोर्टल शुरू किया है। पुराने तंत्र से नए सर्वर पर आंकड़ों के स्थानांतरण के चलते अगले तीन से चार दिनों तक पुराने ई-चालान से जुड़े कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे। यह नई व्यवस्था 23 सितंबर की आधी रात 12 बजे से प्रभावी कर दी गई है।

नए सर्वर पर शिफ्ट हो रहा पुराना डेटा.एआरटीओ प्रशासन सर्वेश चतुर्वेदी ने बताया कि प्रदेश भर में चालानों की संख्या अत्यधिक है। ऐसे में पुराने ई-चालान ऐप और पोर्टल में मौजूद रिकॉर्ड को नए ई-चालान सर्वर पर स्थानांतरित करने में दो से तीन दिन का समय लगेगा। विभाग की प्राथमिकता है कि किसी भी उपकरण या सिस्टम में पुराना डेटा लंबित न रहे। स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होते ही सभी पुराने चालानों का संपूर्ण विवरण नए पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया जाएगा।

'नेक्स्ट जेन' ऐप से लैस होंगे प्रवर्तन अधिकारी.नई व्यवस्था के तहत अब पुरानी प्रणाली से कोई भी नया चालान जारी नहीं किया जाएगा। प्रवर्तन अधिकारियों के मोबाइल व टैबलेट में 'नेक्स्ट जेन ई-चालान' ऐप अनिवार्य रूप से इंस्टॉल कराया जा रहा है। प्रारंभिक परीक्षण के तौर पर वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और कार्यालयी विवरण के तालमेल की जांच की जाएगी। कोई भी तकनीकी खामी सामने आने पर उसे तुरंत विभागीय स्तर पर दुरुस्त किया जाएगा। नए चालान कटते ही सीधे नए पोर्टल पर दिखने लगेंगे।

परिवहन दफ्तर के बेवजह चक्कर न लगाएं नागरिक.तकनीकी बदलाव के कारण वाहन चालान के निस्तारण और पोर्टल संबंधी सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित रहेंगी। इसके मद्देनजर परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों व आम जनता से अपील की है कि वे तीन से चार दिनों तक पुराने चालानों के कार्य के लिए अनावश्यक रूप से संभागीय परिवहन कार्यालय के चक्कर न लगाएं। नई व्यवस्था के पूरी तरह सक्रिय होते ही सेवाएं पूर्ववत सुचारू कर दी जाएंगी।

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