#सीतापुर में बाढ़ से निपटने के पुख्ता इंतजाम: नदियां खतरे के निशान से नीचे, प्रशासन पूरी तरह सतर्क.

सीतापुर(उत्तर प्रदेश): बाढ़ की संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और सतर्क नजर आ रहा है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में सिंचाई विभाग तथा तहसील प्रशासन द्वारा अति संवेदनशील ग्रामों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में जनपद में बाढ़ की कोई स्थिति नहीं है और जनजीवन पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।
शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है और पल-पल का अपडेट लिया जा रहा है। जनपद सीतापुर में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे बना हुआ है। वर्तमान माप के अनुसार शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.59 मीटर नीचे बह रहा है, जबकि घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.63 मीटर नीचे दर्ज किया गया है। प्रशासन का अनुमान है कि पानी का प्राकृतिक बहाव नदी के अंदर ही सीमित रहेगा, जिससे किसी प्रकार के खतरे की संभावना नहीं है।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों को पुख्ता करते हुए जिले की तीनों तहसीलों में कुल 18 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, अति संवेदनशील और जोखिम वाले गांवों में 19 बाढ़ शरणालय तैयार किए गए हैं ताकि आपात स्थिति में लोगों को तुरंत सुरक्षित ठिकाना मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ रखने के उद्देश्य से 15 विशेष मेडिकल टीमों का गठन किया गया है।
राहत एवं बचाव कार्यों को गति प्रदान करने के लिए तहसीलों में कुल 171 नावें, गोताखोर और आपदा मित्रों को तैनात किया गया है। साथ ही, 2 आधुनिक मोटर बोट और पर्याप्त मात्रा में लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। शासन की मंशानुरूप पीएसी की सेकंड बटालियन भी तहसीलों में कैंप कर रही है। जिला आपदा विशेषज्ञ हीरालाल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सभी संबंधित महकमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला स्तर पर 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की सहायता या सूचना के लिए कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 05862-245753 तथा टोल-फ्री नंबर 1077 चौबीस घंटे सक्रिय हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ