सीतापुर(उत्तर प्रदेश): जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत रामकोट पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ग्राम मधवापुर के पास घेराबंदी कर दो वाहनों से करीब एक क्विंटल यानी 92 किलो अवैध गांजा बरामद करते हुए अंतरजनपदीय गिरोह के सात शातिर तस्करों को दबोच लिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद गांजे की कीमत करीब 23 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त ब्रेजा कार और डीसीएम को जब्त कर सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।
घेराबंदी कर मधवापुर तालाब के पास पकड़े गए वाहन.अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आलोक सिंह के पर्यवेक्षण व सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस व एसओजी टीम क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान अर्थाना की तरफ से आ रही एक संदिग्ध काले और ग्रे रंग की ब्रेजा कार तथा उसके पीछे आ रही डीसीएम को रुकने का इशारा किया गया। चालकों ने रुकने के बजाय भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए मधवापुर गांव से 200 मीटर आगे तालाब के पास दोनों वाहनों को घेरकर रोक लिया। गहन तलाशी लेने पर वाहनों से चार सफेद प्लास्टिक की बोरियों में छिपाकर रखा गया 92 किलो गांजा बरामद हुआ।
बरेली में खपाने ले जा रहे थे खेप.पूछताछ के दौरान पकड़े गए तस्करों ने स्वीकार किया कि वे बाहर से सस्ते दामों में गांजा लाकर विभिन्न जनपदों में नशे के आदी ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेचते हैं। रविवार को भी वे कार की डिग्गी और डीसीएम के डाले में गांजा छिपाकर बरेली की तरफ सप्लाई देने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही दबोच लिए गए।
बिहार, गोंडा और लखनऊ से जुड़े हैं गिरोह के तार. गिरफ्तार अभियुक्तों में विनोद कुमार पांडेय, रामस्वरूप वर्मा व रामाशीष वर्मा निवासी गोंडा, विजय महतो व मुन्ना कुमार निवासी मोतिहारी बिहार, सचिन लोधी निवासी लखनऊ तथा विनोद कुमार निवासी अमरोहा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी विनोद पांडेय और विनोद कुमार का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। इन दोनों के खिलाफ पूर्व में मिर्जापुर व मुरादाबाद में हत्या और एनडीपीएस के गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी संपर्कों और सप्लायर नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।


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