सीतापुर(उत्तर प्रदेश)।जनपद में गर्मी के बढ़ते प्रकोप और तेज हवाओं के चलते फसलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में तहसील सदर के आपदा मित्रों ने ग्रामीण क्षेत्रों में मोर्चा संभालते हुए किसानों को जागरूक करने का कार्य तेज कर दिया है।
उपजिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में आपदा मित्रों की टीम निरंतर संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर रही है। तहसील सदर के ग्राम रखौना में प्रशासन की मुस्तैदी का सकारात्मक परिणाम तब देखने को मिला, जब आपदा मित्र मनोहर लाल, महेंद्र कुमार और रवि कुमार की टीम ने किसान रघुनाथ पुत्र पुताई के खेत का निरीक्षण किया। किसान के खेत में गेहूं की तैयार फसल खड़ी थी, जिसके ठीक ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजर रही थी। तेज पछुआ हवाओं के कारण शॉर्ट सर्किट से फसल जलने का गंभीर खतरा बना हुआ था। आपदा मित्रों ने तत्काल किसान को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए संभावित आर्थिक नुकसान के प्रति सचेत किया। प्रशासन की इस सक्रियता का सम्मान करते हुए किसान ने प्राथमिकता के आधार पर तत्काल फसल की कटाई सुनिश्चित की, जिससे एक संभावित अग्निकांड टल गया।
जिला आपदा विशेषज्ञ हीरालाल ने बताया कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि मेहनत से तैयार फसल का एक दाना भी अग्नि की भेंट न चढ़े। आपदा मित्र गांव-गांव जाकर अर्ली वार्निंग तंत्र के रूप में कार्य कर रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने किसानों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी किया है, जिसमें सलाह दी गई है कि जिन खेतों के ऊपर से बिजली के तार या पोल गुजर रहे हैं, उन हिस्सों की फसल पहले काट लें। साथ ही, खेतों के पास बीड़ी, सिगरेट या किसी भी प्रकार की ज्वलनशील वस्तु का प्रयोग न करने और तार ढीले होने पर तत्काल विद्युत विभाग को सूचित करने की अपील की गई है।
किसी भी आपात स्थिति में तत्काल दमकल विभाग 101 या स्थानीय तहसील प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान से ग्रामीणों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास का संचार हो रहा है।
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