लहरपुर,सीतापुर(उत्तरप्रदेश)। परिवहन विभाग ने सोमवार को अवैध रूप से संचालित ई-रिक्शा शोरूमों के खिलाफ बड़ी छापामार कार्रवाई की। बिना वैध 'ट्रेड सर्टिफिकेट' और मानकों की अनदेखी कर ई-रिक्शा का कारोबार करने वाले डीलरों के खिलाफ विभाग की इस मुहिम से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
क्या है मामला
एआरटीओ सर्वेश चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई डीलर बिना अनिवार्य 'ट्रेड सर्टिफिकेट' लिए और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से ई-रिक्शा की बिक्री कर रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को विभागीय टीम ने लहरपुर क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।
इन शोरूमों पर की गई जांच
निरीक्षण के दौरान टीम ने श्रीकृष्ण जायसवाल, श्री जी ट्रेडिंग कंपनी, लकी ऑटो एजेंसी, जायसवाल एजेंसीज और फाइजा इंटरप्राइजेज जैसे प्रमुख शोरूमों की जांच की। इस दौरान विभाग ने शोरूमों में मौजूद ई-रिक्शा की माप की और आवश्यक प्रपत्रों का मिलान किया। जांच के दौरान कई शोरूम बंद मिले, जबकि जो शोरूम खुले थे, वहां ट्रेड संबंधी वैध दस्तावेज गायब पाए गए।
नियमों का खुला उल्लंघन
एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण और ट्रेड लाइसेंस के वाहनों की बिक्री करना एक गंभीर कानूनी अपराध है। जांच में सामने आया है कि कई डीलर न केवल ट्रेड लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि वाहनों की तकनीकी मानकों को भी अनदेखा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो डीलर समय से पंजीकरण नहीं करा रहे हैं, उन सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है।
शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
विभाग ने इस मामले में और भी कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। एआरटीओ सर्वेश चतुर्वेदी ने बताया कि जो वाहन निर्माता और टेस्टिंग एजेंसी 'आई-कैट' की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई के लिए शासन को विस्तृत पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जिले में किसी भी हाल में मानक विहीन वाहनों की बिक्री नहीं होने दी जाएगी।
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