महोली,सीतापुर(उत्तर प्रदेश)। विकास कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने गुरुवार को महोली विकास खंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। अचानक पहुंचे जिलाधिकारी को देख ब्लाक कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। डीएम ने कार्यालय की व्यवस्थाओं को परखा और अभिलेखों के रख-रखाव में मिली कमियों पर नाराजगी जताई।
समयबद्धता के साथ पूर्ण हों निर्माण कार्य
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ब्लाक क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में मानकों के साथ किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए समय-समय पर स्थलीय सत्यापन करने के भी निर्देश दिए।
फाइलों को तत्काल अद्यतन करने के निर्देश
कार्यालय के विभिन्न पटलों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने सरकारी फाइलों और पंजिकाओं को देखा। इस दौरान अभिलेखों को अद्यतन न किए जाने पर उन्होंने असंतोष जताया। उन्होंने पटल सहायकों को कड़े निर्देश दिए कि सभी सरकारी अभिलेखों को समय से अपडेट किया जाए ताकि कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य आम जनमानस को लाभान्वित करना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी सक्रियता दिखाएं ताकि पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि ब्लाक कार्यालय आने वाले फरियादियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के समय ब्लाक के संबंधित विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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