# सीतापुर: भीषण लू से जंग की तैयारी, प्याऊ से लेकर बिजली आपूर्ति तक के पुख्ता इंतजाम, जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश

सीतापुर(उत्तर प्रदेश)।चिलचिलाती गर्मी और लू  के संभावित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने वर्ष 2026 के लिए व्यापक 'हीट वेव एक्शन प्लान' जारी करते हुए सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं। शासन की गाइडलाइन के अनुपालन में जनपद, तहसील और ब्लॉक स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है, जो लू से बचाव के कार्यों का समन्वय और अनुश्रवण करेंगे।

विभागों को मिली जिम्मेदारी, जनता को मिलेगी राहत
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि भीषण गर्मी में जन-जीवन को सुरक्षित रखने के लिए हर विभाग को अपनी जिम्मेदारी पूरी मुस्तैदी से निभानी होगी
 स्वास्थ्य विभाग: क्षेत्रीय अस्पतालों में गर्मी से संबंधित मरीजों के इलाज के लिए पुख्ता इंतजाम करने होंगे। ओआरएस और तरल पदार्थों का पर्याप्त स्टॉक रखने के साथ ही मृत्यु के मामलों में मानक प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होगा।
 शिक्षा विभाग: बच्चों को लू से बचाने के लिए स्कूलों के समय में बदलाव किया जाएगा। विद्यालयों में पेयजल, पंखे और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। लू के दौरान बच्चों के किसी भी तरह के आउटडोर शारीरिक क्रियाकलापों पर पूरी तरह रोक रहेगी।
 पशुपालन विभाग: मवेशियों की सुरक्षा के लिए हीट वेव एक्शन प्लान लागू होगा। टीकाकरण के साथ ही पशु केंद्रों पर आवश्यक दवाओं का भंडारण और उनके लिए चारे-पानी का इंतजाम करना होगा।
 नगर निकाय व पंचायत: शहरों की स्लम बस्तियों, सब्जी मंडियों और सार्वजनिक चौराहों पर शीतल पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। पार्कों में छाया के प्रबंध होंगे और सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में प्याऊ की स्थापना होगी।
 बिजली विभाग: गर्मी के पीक आवर्स को देखते हुए विद्युत कटौती के समय में बदलाव किया जाएगा। आपूर्ति ठप होने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
 श्रम विभाग: निर्माण कार्यों और औद्योगिक इकाइयों में कामगारों के लिए कार्य घंटों में बदलाव किया जाएगा और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होगा।
 अग्निशमन विभाग: लू के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए फायर स्टेशनों को 24×7 क्रियाशील रखा जाएगा। सरकारी भवनों और अस्पतालों का फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य होगा।
 रेलवे और परिवहन: बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए छाया और शीतल पेयजल की व्यवस्था प्राथमिकता होगी।
रिपोर्टिंग भी अनिवार्य
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि समस्त विभागाध्यक्ष अपने कार्यक्षेत्र में एक्शन प्लान का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। इसकी फोटो सहित संक्षिप्त रिपोर्ट हर माह अप्रैल, मई और जून के अंतिम सप्ताह में ईमेल ddmasit@gmail.com और व्हाट्सएप नंबर 9559738229 पर सॉफ्ट कॉपी के रूप में भेजना अनिवार्य है। साथ ही, एक प्रति डाक के माध्यम से भी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को उपलब्ध करानी होगी।

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