#सीतापुर: महिला अपराधों में हो त्वरित कार्रवाई, डीएम ने टॉप-10 अपराधियों पर कसा शिकंजा

सीतापुर(उत्तर प्रदेश):कलेक्ट्रेट सभागार में बीते दिवस जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर की अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने लंबित वादों की गुणवत्तापूर्ण पैरवी सुनिश्चित करने के साथ ही अपराधियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने पर जोर दिया।
अपराधियों पर कसें शिकंजा, टॉप-10 को करें चिन्हित
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि टॉप-10 अपराधियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लंबित अपीलों को समयबद्ध तरीके से दाखिल किया जाए ताकि न्याय प्रक्रिया में देरी न हो। उन्होंने दोषियों को कठोर दंड दिलाने के लिए अभियोजन पक्ष को और अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
महिला व एससी-एसटी अपराधों को प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से महिला संबंधी अपराधों और एससी-एसटी एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों को प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन संवेदनशील मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पीड़ितों को समय से न्याय मिल सके।
 गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक के दौरान वादों के त्वरित निस्तारण में आ रही बाधाओं पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में गवाहों या अभियुक्तों की हाजिरी नहीं हो पा रही है, उनमें पुलिस और अभियोजन विभाग समन्वय बनाकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि वादों को लंबित न रखा जाए और उनका जल्द से जल्द निस्तारण हो सके।
बैठक में उपस्थित
समीक्षा बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी आयुष चौधरी, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी एवं दक्षिणी), नगर मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पाण्डेय, संयुक्त निदेशक अभियोजन सहित सभी उपजिलाधिकारी व संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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