सीतापुर(उत्तर प्रदेश) प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशो के अनुपालन में और जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीतापुर आशीष जैन के निर्देशानुसार गुरुवार को बाल संप्रेक्षण गृह हरदोई का मासिक निरीक्षण किया गया। जनपद न्यायाधीश श्री जैन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निरीक्षण से जुड़े रहे उनके द्वारा गठित समिति के न्यायिक अधिकारियों व सदस्यों ने सामूहिक रूप से मौके पर व्यवस्थाओं को परखा। इस दौरान गृह में निरुद्ध सीतापुर के 16 किशोर अपचारियों से वार्ता की गई और उन्हें भारतीय संविधान में वर्णित 11 मौलिक कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। किशोरों ने व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
न्यायिक अधिकारियों की समिति ने परखीं व्यवस्थाएं
निरीक्षण के दौरान मौके पर अपर जिला जज शैलेन्द्र कुमार वर्मा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आलोक यादव, अपर सिविल जज विजय भान, किशोर न्याय बोर्ड की पीठासीन अधिकारी नीतिका महाजन और बोर्ड के सदस्य अशोक कुमार अवस्थी व वन्दना वैश्य मौजूद रहे। समिति ने बाल गृह के विभिन्न कक्षों का सघन निरीक्षण किया और वहां रह रहे बच्चों से संवाद कर उनकी काउंसिलिंग की।
नियमित योगा, पीटी और खेलकूद की सुविधा
संवाद के दौरान बाल अपचारियों ने न्यायिक समिति को बताया कि उनकी चिकित्सीय जांच नियमित रूप से की जाती है। गृह के भीतर उन्हें नियमित शिक्षण प्रदान किया जा रहा है। बच्चों ने बताया कि सुबह के समय प्रतिदिन पीटी और योगा कराया जाता है, जबकि शाम के वक्त खेलकूद और मेडिटेशन जैसी रचनात्मक गतिविधियां आयोजित होती हैं, जिससे उन्हें मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
रसोई व स्टोर रूम चेक, राशन मिला भरपूर
समिति ने बाल संप्रेक्षण गृह की रसोई और स्टोर रूम का भी बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय स्टोर रूम में छोला, बरी, पोहा, मसूर दाल, बेसन और मूंग की दाल आदि खाद्य सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध पाई गई। गृह प्रबंधन ने बताया कि हर महीने की 25 तारीख को ही अगले माह का राशन एडवांस में उपलब्ध हो जाता है। भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर अधिकारियों ने संतोष व्यक्त किया।
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