सीतापुर(उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड अब जनपद के पारंपरिक शिल्पियों के हुनर को नई पहचान देने जा रहा है। माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम के तहत मंडल स्तरीय माटीकला पुरस्कार योजना का आगाज हो गया है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि जो कारीगर मिट्टी के बर्तनों और कलाकृतियों में निपुण हैं, वे अपनी कला का प्रदर्शन कर नकद पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र जीत सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
15 मई तक ऑनलाइन आवेदन का मौका
योजना का लाभ लेने के लिए कारीगरों को 15 मई 2026 तक आवेदन करना होगा। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन रखे गए हैं, जिसके लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmatikalaboard.in/Home/AwardScheme पर जाकर पंजीकरण किया जा सकता है। समय सीमा समाप्त होने के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। आवेदन के उपरांत विशेषज्ञों की त्रि-सदस्यीय चयन समिति कलाकृतियों की गुणवत्ता और बारीकियों का परीक्षण कर विजेताओं का नाम तय करेगी।
तीन श्रेणियों में मिलेगा नकद पुरस्कार
चयन समिति द्वारा चुने गए सर्वश्रेष्ठ कारीगरों को तीन श्रेणियों में पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में 15,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 12,000 रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले को 10,000 रुपये की धनराशि चेक के माध्यम से प्रदान की जाएगी। सम्मान के साथ ही कारीगरों को विभाग की ओर से प्रशस्ति-पत्र भी दिया जाएगा, जो भविष्य में उनकी कला की ब्रांडिंग में मददगार साबित होगा।
इन शर्तों को पूरा करना होगा अनिवार्य
पुरस्कार योजना में शामिल होने के लिए विभाग ने कुछ मानक तय किए हैं। आवेदक का संबंधित मंडल का निवासी होना और पारंपरिक माटीकला से जुड़ा होना अनिवार्य है। आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष तय की गई है। इसके अलावा, ऐसे कारीगर जिन्होंने पूर्व में मंडल स्तरीय पुरस्कार प्राप्त कर लिया है, वे इस बार आवेदन नहीं कर सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए विकास भवन स्थित कार्यालय के कमरा नंबर 126 व 127 में किसी भी कार्य दिवस पर संपर्क किया जा सकता है।
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