#सीतापुर की ऐतिहासिक 'रानी कोठी' सरकारी कस्टडी में, रडार पर कई और आलीशान इमारतें

सीतापुर(उत्तर प्रदेश) अवैध संपत्तियों और सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाए बैठे रसूखदारों के खिलाफ शासन का अभियान अब और तेज हो गया है। इसी कड़ी में सीतापुर जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर की बेहद बेशकीमती और ऐतिहासिक मानी जाने वाली ‘रानी कोठी’ को पूरी तरह से सीज कर अपने कब्जे में ले लिया है। जिलाधिकारी के आदेश पर हुई इस कार्रवाई से शहर के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मच गया है।

भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे अफसर, शांतिपूर्ण ढंग से हुई सीलिंग

बुधवार को इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडे, अधिशासी अधिकारी  वैभव त्रिपाठी और तहसीलदार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अचानक पहुंचे प्रशासनिक लश्कर को देखकर इलाके में खलबली मच गई। कोतवाली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे परिसर को चारों तरफ से घेर लिया। अधिकारियों की मौजूदगी में रानी कोठी को सीज कर उसे सरकारी कस्टडी में लेने की विधिक प्रक्रिया पूरी की गई। प्रशासन की मुस्तैदी के चलते बिना किसी विरोध या हंगामे के पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई।

नोटिस की मियाद खत्म होते ही नजूल की जमीन से बेदखली

प्रशासनिक टीम ने कुछ दिन पहले ही इस आलीशान कोठी पर बेदखली का नोटिस चस्पा किया था। नोटिस की समय-सीमा समाप्त होते ही प्रशासनिक अमला पूरी तैयारी के साथ जमीन पर उतरा और कार्रवाई को अंजाम दिया। अधिकारियों के मुताबिक, इस बेशकीमती नजूल  भूमि पर वर्षों से अवैध रूप से कब्जा जमाकर आलीशान मकान बना लिया गया था, जिसे अब पूरी तरह से भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराकर सरकारी संपत्ति घोषित कर दिया गया है। शहर के नामचीन ‘रम्पा महल’ के बाद यह दूसरी ऐसी बड़ी और रसूखदार प्रॉपर्टी है जिसपर प्रशासन का हंटर चला है।

रडार पर शहर की कई और आलीशान इमारतें, सूची तैयार

प्रशासनिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, यह कार्रवाई तो महज एक शुरुआत है। सीतापुर शहर के भीतर अभी भी कई ऐसी नामचीन और रसूखदार संपत्तियां हैं, जो नजूल की प्राइम लोकेशन वाली जमीनों पर अवैध रूप से खड़ी की गई हैं। राजस्व विभाग की टीम ने ऐसी सभी संदिग्ध और अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उनकी एक लंबी सूची तैयार कर ली है। इनमें से अधिकांश को जिला प्रशासन की तरफ से अंतिम कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है। नोटिस की अवधि समाप्त होते ही इन सभी अवैध निर्माणों पर भी जल्द ही बुलडोजर और सीलिंग की कड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी।


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