#सीतापुर:मिट्टी की खुदाई पर सख्त पहरा, बिना ऑनलाइन परमिशन सीधे माना जाएगा 'अवैध खनन'

सीतापुर (उत्तर प्रदेश):अगर आप अपने घर, खेत या किसी सरकारी व व्यावसायिक काम के लिए साधारण मिट्टी की खुदाई या उसका परिवहन करने जा रहे हैं, तो नियमों को जान लें। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना ऑनलाइन पंजीकरण या परमिशन के मिट्टी का खनन करना अब पूरी तरह अवैध माना जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर मिट्टी के खनन और परिवहन की पूरी व्यवस्था को 'माइन मित्रा'पोर्टल www.minemitra.up.gov.in के जरिए ऑनलाइन कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम-1957 की धारा 21 (1) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
                          (काल्पनिक चित्र)
पोर्टल से तुरंत मिलेगा ऑनलाइन सर्टिफिकेट
घरेलू या छोटे कामों के लिए यदि 100 घनमीटर तक मिट्टी की आवश्यकता है, तो इसके लिए आवेदक को 'माइन मित्रा' पोर्टल पर अपनी लॉगिन आईडी बनानी होगी। इसके बाद फॉर्म में खतौनी, जमीन का नक्शा, भू-स्वामी की लिखित सहमति और वाहन का प्रकार जैसी जरूरी जानकारियां अपलोड करनी होंगी। आवेदन सबमिट करते ही पोर्टल से तुरंत ऑटोमैटिक पंजीकरण प्रमाण पत्र मिल जाएगा, जिसमें वैधता की अवधि और खनन स्थल दर्ज होगा।
बड़े कामों के लिए तहसील की जांच जरूरी
यदि किसी सरकारी प्रोजेक्ट, कमर्शियल काम या व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए 100 घनमीटर से अधिक मिट्टी की जरूरत है, तो प्रक्रिया थोड़ी अलग होगी। इसके लिए आवेदक को पोर्टल पर आवेदन करने के बाद संबंधित तहसील से ऑनलाइन जांच करानी होगी। इसके साथ ही ₹2000 का आवेदन शुल्क/चालान, किसान का सहमति पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र और क्यूसीआई नाफेड संस्था द्वारा प्रमाणित माइन प्लानिंग रिपोर्ट जमा कर ऑनलाइन मंजूरी लेनी होगी।
गलत स्व-घोषणा देने पर निरस्त होगा पंजीकरण
आवेदक को ऑनलाइन आवेदन के समय एक स्व-घोषणा पत्र भी अपलोड करना होगा, जिसमें सरकारी संपत्ति और संवेदनशील क्षेत्रों से मानक के अनुसार न्यूनतम सुरक्षा दूरी छोड़ने की बात होगी। यदि भूमि का स्वामित्व, भूमिधर की सहमति या सुरक्षा मानकों से जुड़ी कोई भी जानकारी गलत पाई गई, तो पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। इसकी सूचना आवेदक को मोबाइल और ईमेल पर भेजी जाएगी।

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