#सीतापुर: में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ चलेगा अभियान, लापरवाह कर्मियों पर भी होगी कठोर कार्रवाई

सीतापुर(उत्तर प्रदेश): स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाने में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शत-प्रतिशत टीकाकरण और जवाबदेही तय
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्यू लिस्ट के अनुसार शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी एएनएम के एक सप्ताह से अधिक अवकाश पर होने की स्थिति में तत्काल दूसरी एएनएम की तैनाती कर सत्र आयोजित करने को कहा गया है। टीकाकरण सत्र से पूर्व बुलावा पर्ची का वितरण अनिवार्य कर दिया गया है। मीजिल्स रूबेला के मामलों में लापरवाही बरतने वाली एएनएम से जवाब तलब किया गया है, वहीं नियमित सत्र आयोजन में चूक पर एमओआईसी कसमंडा को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला चिकित्सालय में जांच में विलंब करने वाले लैब टेक्नीशियन और पैथोलॉजिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि जाएगी।
झोलाछाप डॉक्टरों पर शिकंजा और मातृ सुरक्षा
बैठक में जिलाधिकारी ने झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाने का आदेश दिया। उन्होंने सभी एमओआईसी से प्रमाण-पत्र मांगा है कि उनके कार्यक्षेत्र में कोई भी अवैध क्लीनिक संचालित नहीं है। मातृ सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सभी मातृ सुरक्षा केंद्रों, फैसिलिटी और एफआरयू का प्रभावी संचालन हो और आवश्यक दवाएं हर हाल में उपलब्ध रहें। साथ ही, गत छह माह में शून्य प्रसव कराने वाली आशाओं को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
 सुविधाओं का विस्तार और डेथ ऑडिट
जिलाधिकारी ने क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जांच का दायरा बढ़ाने और चिन्हित मरीजों को सरकार द्वारा देय सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई और मरीजों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मातृ मृत्यु के मामलों में अनिवार्य रूप से डेथ ऑडिट कराने और दोषी पाए जाने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की बात कही। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति में सुधार लाने तथा रेफरल के मामलों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप श्रीवास्तव सहित स्वास्थ्य समिति के सदस्य और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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