सीतापुर (उत्तर प्रदेश):कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को एक अलग नज़ारा था। यहाँ जिले के आला अधिकारी और कर्मचारी जनगणना के नए डिजिटल अवतार का प्रशिक्षण ले रहे थे। अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में साफ़ कर दिया गया कि आने वाले समय में जनगणना की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।
सरकारी दफ्तरों से लेकर विकास खंडों तक विशेष अभियान
एडीएम नीतीश कुमार सिंह ने निर्देश दिया है कि केवल कलेक्ट्रेट ही नहीं, बल्कि जिले के सभी सरकारी विभागों और विकास खंडों में आज से एक विशेष अभियान चलाया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी कर्मचारी पहले खुद अपनी 'स्वगणना' (सेल्फ इन्यूमेरेशन) पूरी करें और फिर दूसरों को इसके लिए प्रेरित करें। प्रशासन का मानना है कि जब सरकारी तंत्र इस प्रक्रिया में पूरी तरह प्रशिक्षित होगा, तभी आम जनता की मदद की जा सकेगी।
'सेल्फ इन्यूमेरेशन' की सुविधा: घर बैठे दें अपनी जानकारी
इस मुहिम को राजनीतिक समर्थन देते हुए राज्यमंत्री राकेश राठौर 'गुरू' और विधायक रामकृष्ण भार्गव ने इसे जनता के लिए एक बड़ी सुविधा बताया है। उन्होंने कहा कि 'स्वगणना 2027' के तहत आम नागरिक बिना किसी शुल्क के अपनी जनगणना संबंधी जानकारी डिजिटल माध्यम से दे सकते हैं। इससे न केवल लोगों को पूछताछ से राहत मिलेगी, बल्कि जनगणना के आंकड़ों में पारदर्शिता भी आएगी।
क्यों खास है इस बार की डिजिटल जनगणना?
विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक जनगणना में अक्सर समय और कागज़ी कार्रवाई की चुनौतियाँ होती थीं, लेकिन डिजिटल विकल्प से डेटा फीडिंग का काम तुरंत हो जाएगा। सीतापुर प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थों को इस डिजिटल प्रक्रिया के लिए तैयार करें ताकि जिले में जनगणना का कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।
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