#सीतापुर:निरीक्षण से मचा हड़कंप: बदहाल गौशाला देख भड़के डीएम, दो अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि

सीतापुर(उत्तर प्रदेश):जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. के कड़े तेवर शनिवार को उस समय देखने को मिले जब उन्होंने पहला ब्लॉक के संसारपुर स्थित अस्थाई गौशाला का औचक निरीक्षण किया। गौशाला में अव्यवस्थाओं का अंबार देख जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही लापरवाही बरतने वाले एडीओ पंचायत और पशु चिकित्साधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का फरमान सुना दिया। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन में स्थिति नहीं सुधरी तो बड़ी विभागीय कार्रवाई तय है।
रजिस्टर और टैगिंग में मिलीं भारी कमियां
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले गौशाला के अभिलेखों और पंजिकाओं की जांच की। पशुओं की टैगिंग और उनके पंजीकरण के आंकड़ों में विसंगतियां मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। डीएम ने निर्देश दिए कि पशुओं की टैगिंग प्रक्रिया में तुरंत सुधार किया जाए और हरे चारे का रजिस्टर मानकों के अनुरूप अपडेट रखा जाए।
बीमार और कमजोर पशुओं के लिए विशेष हिदायत
डीएम ने गौशाला के 'सिक वार्ड' का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने वहां मौजूद बीमार और अत्यंत कमजोर पशुओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए पशु चिकित्साधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि डॉक्टरों की उपलब्धता चौबीसों घंटे सुनिश्चित की जाए। पशुओं के उपचार में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीसीटीवी से होगी निगरानी, फंड की नहीं होगी कमी
व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गौशाला में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रहने चाहिए और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बजट की कमी को आड़े न आने दें और फंड की रिक्वेस्ट समय पर प्रेषित करें ताकि चारे और पानी का पर्याप्त प्रबंध बना रहे।प्रशासनिक मुस्तैदी
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी महमूदाबाद डॉ. अंजली सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। 

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