सीतापुर (उत्तर प्रदेश): सीतापुर में प्रशासन ने जनता की शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को सदरपुर थाने में आयोजित 'संपूर्ण थाना समाधान दिवस' के दौरान जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. और पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने खुद मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने साफ कर दिया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए।
मौके पर जाकर होगा फैसला
राजस्व और ज़मीनी विवादों को सुलझाने के लिए जिलाधिकारी ने एक नया फॉर्मूला पेश किया है। अब पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें गठित की जाएंगी, जो सीधे विवाद वाली जगह पर जाकर मौके पर ही मामले का निपटारा करेंगी। इसका मकसद आपसी रंजिश को बढ़ने से पहले ही खत्म करना है।
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि
जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने महिला संबंधी अपराधों को लेकर अधिकारियों को अलर्ट किया। उन्होंने निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़ी किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उनमें प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील मामलों में पहले ही निरोधात्मक कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं।
रजिस्टर में दर्ज होगा पूरा हिसाब
प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए थाना समाधान दिवस के रजिस्टर को अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि हर शिकायत के निस्तारण का विस्तृत विवरण दर्ज होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी चूक की जवाबदेही तय की जा सके।
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