#उत्तर प्रदेश #लखनऊ: अब ग्राम सचिवालय में बैठेंगे लेखपाल, 1 जुलाई से व्यवस्था अनिवार्य.

लखनऊ(उत्तर प्रदेश):गांवों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें अपने जरूरी राजस्व कार्यों और प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए लेखपालों को ढूंढना नहीं पड़ेगा। राजस्व परिषद ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी लेखपालों को ग्राम सचिवालयों में बैठने का निर्देश जारी किया है। आयुक्त एवं सचिव कंचन वर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश भेजकर इस व्यवस्था को 1 जुलाई 2026 से प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा है।
ग्रामीणों की परेशानी होगी दूर
अब तक ग्राम सचिवालयों में पंचायत सहायकों द्वारा आय, जाति, निवास और खतौनी जैसी 10 प्रमुख सेवाएं ऑनलाइन दी जा रही थीं, जिनमें लेखपाल की रिपोर्ट अनिवार्य होती है। लेखपाल के लिए स्थान निश्चित न होने से ग्रामीणों को भारी असुविधा होती थी। अब ग्राम सचिवालय में उपलब्धता होने से आम जनमानस के कार्यों का संपादन सुगम हो जाएगा।
तैयार होगा उपस्थिति रोस्टर
आदेश के अनुसार, केवल बैठने की व्यवस्था ही नहीं होगी, बल्कि प्रत्येक लेखपाल के लिए उपस्थिति का रोस्टर भी तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लेखपाल तय समय पर ग्राम सचिवालय में मौजूद रहकर अपने पदीय दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करें।
30 जून तक मांगी गई रिपोर्ट
राजस्व परिषद ने इसे लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। यदि किसी जिले में इस व्यवस्था को लागू करने में कोई समस्या है, तो जिलाधिकारी 30 जून 2026 तक परिषद को सूचित करेंगे। यदि कोई आपत्ति नहीं आती है, तो 1 जुलाई से इसे पूरे प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू मान लिया जाएगा।

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