# सीतापुर में त्योहारों और परीक्षाओं के मद्देनजर धारा-163 लागू, जानिए क्या हैं पाबंदियां.

सीतापुर(उत्तर प्रदेश): सीतापुर जिले में आगामी त्योहारों, कांवड़ यात्रा और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। जिले के अपर जिला मजिस्ट्रेट आयुष चौधरी ने कानून-व्यवस्था और जनहित का हवाला देते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा-163 (जो पहले धारा-144 के रूप में जानी जाती थी) लागू करने के आदेश दिए हैं यह प्रतिबंधात्मक आदेश मंगलवार, 16 जून से लागू होकर 11 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन के मुताबिक, अगर कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक जगहों पर भीड़ जुटाने और प्रदर्शनों पर रोक
प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, जून और अगस्त महीने के दौरान मोहर्रम, चेहल्लुम, श्रावण मास की कांवड़ यात्राओं और कई महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं का आयोजन होना है। इसे देखते हुए जिले के भीतर किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी तरह का जुलूस, रैली या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जा सकेगा। सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक या एक्स पर भी किसी भी ऐसी सामग्री को पोस्ट या फॉरवर्ड करने की मनाही है जिससे सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने का खतरा हो।
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और नकल रोकने के लिए विशेष नियम
विभिन्न बोर्डों और आयोगों की परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास के इलाकों के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षा के दिनों में केंद्रों और जिला कोषागार के 200 मीटर के दायरे में आने वाले सभी साइबर कैफे, फोटोकॉपी की दुकानें और पीसीओ बंद रहेंगे। इस दायरे में लाउडस्पीकर बजाने की भी अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही, परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, माचिस या कोई भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
हथियारों के परिवहन पर पाबंदी, लेकिन कुछ लोगों को छूट
नए आदेश के तहत, कोई भी व्यक्ति जिले की सीमा के भीतर सार्वजनिक स्थानों पर लाइसेंसी हथियार रिवाल्वर, बंदूक, धारदार हथियार तलवार, चाकू, फरसा या लाठी-डंडा लेकर नहीं चल सकेगा। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों, लाठी का सहारा लेने वाले बुजुर्गों या दिव्यांगों और सिख समुदाय के उन लोगों पर लागू नहीं होगा जो धार्मिक अनिवार्यताओं के तहत कृपाण रखते हैं। सार्वजनिक स्थानों पर शराब, पान, गुटखा और तंबाकू के सेवन पर भी रोक लगाई गई है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ