सीतापुर(उत्तर प्रदेश): ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन और स्वच्छता के दावों की हवा निकल गई है। मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखनाथ पटेल द्वारा विकास खंड पिसावां के तीन प्राथमिक विद्यालयों व ब्लॉक संसाधन केंद्र के औचक निरीक्षण में व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त मिलीं। कहीं शिक्षक बिना सूचना गायब थे, तो कहीं रिकॉर्ड में दर्ज सैकड़ों बच्चों के मुकाबले एक भी छात्र स्कूल में मौजूद नहीं था। स्कूलों में शौचालयों की गंदगी और बदइंतजामी देखकर बीएसए बिफर पड़े। उन्होंने गैरहाजिर शिक्षकों की अनुपस्थिति प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज कराई, वहीं बीआरसी के चार लापरवाह कर्मचारियों का वेतन व मानदेय रोकने के कड़े निर्देश दिए हैं।
प्राइमरी स्कूल वजीरनगर: पांच शिक्षक-शिक्षामित्र मिले नदारद
बीएसए ने सुबह प्राथमिक विद्यालय वजीरनगर में अचानक धावा बोला। वहां सुबह की प्रार्थना सभा तो कराई गई, लेकिन उपस्थिति पंजिका देखते ही हड़कंप मच गया। विद्यालय में तैनात कुल 6 शिक्षकों और 5 शिक्षामित्रों में से प्रभारी प्रधानाध्यापक हिमांशु मिश्रा, सहायक अध्यापक अभिषेक यादव, अर्पण शुक्ला और शिक्षामित्र रहीसा अंसारी व रिम्पी देवी बिना किसी पूर्व सूचना के अनधिकृत रूप से गायब मिले। 150 नामांकित बच्चों के सापेक्ष केवल 45 छात्र ही उपस्थित थे। विद्यालय परिसर और शौचालय में गंदगी पसरी थी, जिस पर बीएसए ने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान जब अधिकारियों ने कक्षा 5 में जाकर सवाल पूछे, तो छात्रा अलकारिया ने गणित के प्रश्न का सही हल निकालकर प्रभावित किया।
विद्यालय गौरासी कला: 65 में से सिर्फ पांच बच्चे ही आए स्कूल
इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्राथमिक विद्यालय गौरासी कला पहुंचे। निरीक्षण में पाया गया कि इस विद्यालय में कुल 2 शिक्षक कार्यरत हैं। छात्र उपस्थिति पंजिका के अवलोकन के दौरान स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। विद्यालय में कुल 65 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन मौके पर मात्र 5 छात्र-छात्राएं ही उपस्थित थे। यहां भी साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं थी और शौचालय गंदे थे। स्कूल परिसर में स्थित एक जर्जर भवन खुला पाया गया, जिससे किसी भी समय दुर्घटना हो सकती थी। बीएसए ने उपस्थित शिक्षकों को तत्काल जर्जर भवन की घेराबंदी करने के निर्देश दिए ताकि बच्चों का वहां आवागमन बंद हो सके।
स्कूल पिसावां-1 में छात्र संख्या शून्य, बीआरसी कर्मियों का रोका वेतन
निरीक्षण की सबसे चौंकाने वाली तस्वीर प्राथमिक विद्यालय पिसावां-1 में देखने को मिली। यहां तैनात सभी 5 शिक्षक तो स्कूल में मुस्तैद मिले, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए एक भी बच्चा नसीब नहीं हुआ। विद्यालय में दर्ज कुल 152 छात्र-छात्राओं में से उपस्थिति शून्य थी। बीएसए ने शिक्षकों को तुरंत अभिभावकों के घर जाकर संपर्क करने के निर्देश दिए। अंत में, बीआरसी पिसावां के निरीक्षण के दौरान कार्यालय सहायक हरिओम पाल व कार्तिकेश सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हेमपाल और ब्लॉक क्वालिटी कॉर्डिनेटर पवन सिंघल बिना अवकाश स्वीकृत कराए गायब मिले। बीएसए ने इन चारों का एक-एक दिन का वेतन बाधित करते हुए 10 दिन में बीआरसी परिसर की रंगाई-पुताई और सफाई की अनुपालन आख्या साक्ष्यों सहित तलब की है।
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