सीतापुर(उत्तर प्रदेश) जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने न्यायालय व थानों से वांछित चल रहे कुल 20 वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। संबंधित क्षेत्राधिकारियों के निकट पर्यवेक्षण में हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है। पकड़े गए सभी अभियुक्तों को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
महोली में सबसे बड़ी कार्रवाई, नौ दबोचे
अभियान के तहत सबसे बड़ी सफलता महोली पुलिस को मिली। प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अलग-अलग मामलों में वांछित नौ वारंटियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में सुरेंद्र कुमार उर्फ छंगा निवासी बढ़ैय्या, राजीव कुमार मिश्रा निवासी मास्टर कालोनी, सालिकराम निवासी नेकपुर, रामभजन निवासी सरैया, चरन्जु निवासी केदारखेड़ा, रमेश निवासी जगदेवा, देवेंद्र व राजेश निवासी मिर्जापुर मजरा कारीपाकर और मदनलाल निवासी पकरिया शामिल हैं। यह सभी लंबे समय से न्यायालय में लंबित विभिन्न मुकदमों में वांछित चल रहे थे।
देहात, मिश्रिख व महमूदाबाद में भी दबिश
कोतवाली देहात पुलिस ने मुकदमों में फरार चल रहे दो वारंटियों रोहित निवासी मधवापुर चितहरी और रिंकू निवासी चितहरी को धर दबोचा। उधर, मिश्रिख पुलिस ने वर्ष 2013 के एक मामले में वांछित वारंटी राजबहादुर सिंह निवासी टिपोना को गिरफ्तार कर न्यायालय चालान भेजा। महमूदाबाद पुलिस टीम ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए तीन वारंटियों मो. आजम, शकील दोनों निवासी कुरैशी टोला और सियाराम निवासी कैथी टोला को उनके घरों पर दबिश देकर दबोच लिया।
रेउसा, नैमिषारण्य व मानपुर पुलिस को सफलता
रेउसा पुलिस ने पुराने मुकदमों में वांछित बाबू निवासी कलिमापुर और झब्बूलाल निवासी रसूलपुर को गिरफ्तार किया। वहीं, तीर्थ नैमिषारण्य पुलिस ने सड़क हादसे के मामले में वांछित हनीफ निवासी औरंगाबाद और धारा 344 सीआरपीसी के तहत वांछित महिला वारंटी मंजू पत्नी राकेश निवासी पियना को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। इसके अतिरिक्त, मानपुर पुलिस ने वर्ष 2008 के एक पुराने मामले में फरार चल रहे वारंटी आफताब पुत्र अयूब खां निवासी मिरदही टोला बिसवां को दबोचकर कोर्ट में पेश किया।
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