सीतापुर(उत्तर प्रदेश):जनपद में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को रफ्तार देने और शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ० राजागणपति आर० की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलम्ब या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
डैशबोर्ड के आंकड़ों को नियमित अपडेट करें विभाग
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभागवार प्रगति, निर्माणाधीन परियोजनाओं और राजस्व संबंधी प्रकरणों का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। इसके साथ ही सीएम डैशबोर्ड पर फीड किए जाने वाले आंकड़ों को नियमित रूप से अपडेट और सत्यापित करना सुनिश्चित करें ताकि शासन स्तर पर जिले की सही रैंकिंग प्रदर्शित हो सके।
पात्रों को मिले जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना, मनरेगा, जल जीवन मिशन, एनआरएलएम, स्वच्छ भारत मिशन और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति जांची गई। इसके अलावा वृद्धावस्था, निराश्रित महिला एवं दिव्यांगजन पेंशन तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की भी समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिए कि योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए पात्र व्यक्तियों को तत्काल चिन्हित कर उन्हें लाभान्वित किया जाए। शासन की मंशा के अनुरूप योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
आईजीआरएस शिकायतों का हो गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
जनसुनवाई को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर न होकर धरातल पर गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक होना चाहिए। अधिकारी शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनें और आपसी समन्वय बनाकर जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दें।
बैठक में मुख्य रूप से रहे उपस्थित
महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा0 दीक्षा जोशी, जिला विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं अभियंता मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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