बिसवां,सीतापुर(उत्तर प्रदेश): महमूदाबाद रोड स्थित ऐतिहासिक व प्राचीन बड़ा हनुमान मंदिर में शुक्रवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया। यहाँ स्थापित सैकड़ों वर्ष पुरानी हनुमान जी की प्रतिमा अचानक नीचे गिर गई। शुक्रवार सुबह जैसे ही इस बात की जानकारी स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को हुई, मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि समय के प्रभाव के कारण यह हादसा हुआ है और अब यहाँ पूरे विधि-विधान के साथ नई प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
गोबर, मिट्टी और शहद से बनी थी प्रतिमा
मंदिर समिति के अध्यक्ष वीरेश मिश्रा ने बताया कि ढहकर गिरी यह प्राचीन प्रतिमा अत्यंत अनूठी थी। इसे सैकड़ों वर्ष पूर्व गोबर, मिट्टी, चूना और शहद जैसी शुद्ध पारंपरिक सामग्रियों के मिश्रण से सीधे दीवार पर निर्मित किया गया था। इस ऐतिहासिक प्रतिमा की महत्ता और प्राचीनता के कारण क्षेत्र के लोगों में इसके प्रति गहरी आस्था थी।
सुरक्षा के लिहाज से मंदिर अस्थाई रूप से बंद
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर मंदिर को कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया है। पुलिस व प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
घटनाक्रम बना चर्चा विषय
सैकड़ों साल पुरानी और ऐतिहासिक प्रतिमा के इस तरह अचानक गिरने की घटना के बाद पूरे बिसवां नगर में तरह-तरह की चर्चाएं और कयासों का दौर शुरू हो गया है। श्रद्धालु इसे समय का प्रभाव मान रहे हैं, वहीं मंदिर प्रबंधन अब जल्द से जल्द वैदिक रीति-रिवाज और धार्मिक अनुष्ठान के साथ नई हनुमान प्रतिमा की स्थापना की तैयारियों में जुट गया है।
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