सीतापुर(उत्तर प्रदेश):जनपद में कोचिंग सेंटरों, होटलों और लाइब्रेरी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों के अभाव में किसी भी प्रतिष्ठान का संचालन स्वीकार्य नहीं होगा। जिला प्रशासन ने आदेश दिया है कि जनपद में अब बेसमेंट में कोई भी कोचिंग सेंटर संचालित नहीं होगा।
बेसमेंट में कोचिंग पर पूर्ण प्रतिबंध
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि कोचिंग सेंटरों के संचालन के लिए बेसमेंट का उपयोग कतई नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर विशेष अभियान चलाकर सभी कोचिंग संस्थानों का शत-प्रतिशत निरीक्षण करने का आदेश दिया है। इस दौरान भवन की संरचनात्मक मजबूती, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकास मार्गों का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा।
उपकरणों की जांच और रख-रखाव पर जोर
बैठक में बिजली और अग्निशमन सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जिन संस्थानों में एयर कंडीशनर लगे हैं, वहां नियमित सर्विसिंग अनिवार्य है ताकि शॉर्ट सर्किट जैसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही, अग्निशमन उपकरणों को न केवल क्रियाशील स्थिति में रखना होगा, बल्कि वहां मौजूद कर्मचारियों को उनके उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी देना होगा।
सुरक्षा में चूक पर होगी कठोर कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने इस अभियान को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संचालकों को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और वायरिंग की नियमित ऑडिट सुनिश्चित करने को कहा है। अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा सत्यापन किया जाएगा और मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी खालिद अंजुम और नगर मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पांडेय समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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