सीतापुर:(उत्तर प्रदेश):संस्कार भारती जिला समिति सीतापुर के तत्वावधान में सिविल लाइंस स्थित भगवान चित्रगुप्त मंदिर के प्रांगण में एक वृहद मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय कवियों और साहित्यकारों ने अपनी कालजयी रचनाओं से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार शिव प्रताप जायसवाल ने की, जबकि कुशल संचालन तुषार मिश्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संयोजक जी.एल. गांधी रहे।
भक्ति और राष्ट्रप्रेम की बही बयार
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार शिवप्रताप जायसवाल ने माता-पिता और ईश्वर को नमन करते हुए काव्य पाठ किया“प्रथम प्रणाम उसे जो मुझको धरती पर लाया, मुझको रोता देख नियंता मंद मंद मुसकाया।”
इसके बाद डॉ. सतीश चंद्र वर्मा ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा“भक्ति सिंधु से तृप्त हृदय हो, धनिकों का भंडार न देना, हे प्रभु मेरी यही याचना, भक्ति मिले अभिशाप न देना।”
वहीं, इंजी. अम्बरीष श्रीवास्तव 'अम्बर' ने अपनी पंक्तियों से भारत की वैश्विक धमक को रेखांकित करते हुए पढ़ा “भारत दे जब झूम चॉकलेट मैलोडी, इटली ले तब चूम चॉकलेट मैलोडी। देख मृदुल मुस्कान मगन दुनिया सारी, धूम मचा दे धूम चॉकलेट मेलोडी।”
सामाजिक सरोकार और आधुनिकता पर प्रहार
कार्यक्रम के संचालक तुषार मिश्रा ने बचपन की यादों को ताजा करते हुए भावुक पंक्तियां पढ़ीं “सोंचिये आज तक हमने बोया है क्या? चाह में पाने की आज खोया है क्या? थपकियाँ देती माँ नींद आ जाती थी, नींद वैसी भला कोई सोया है क्या?”
विशिष्ट अतिथि देवेंद्र कश्यप 'निडर' ने सोशल मीडिया के दौर में गिरते नैतिक मूल्यों पर करारी चोट करते हुए कहा “लाज गरिमा न अपनी गिराया करो, और करतब न ऐसे दिखाया करो। प्यास धन की बुझाना भले हो मगर, रील अश्लील तुम ना बनाया करो।”
युवाओं के दर्द और बेबसी को आवाज देते हुए विकास मौर्य 'विक्कू' ने कहा“बेबसी बेरोजगारी अब देखी नहीं जाती, मां से बच्चे की भुखमरी अब देखी नहीं जाती।”
गोष्ठी में डॉ. मनोज दीक्षित, हरेन्द्र विक्रम सिंह, बिंदु प्रभा, दीपक सागर, लक्ष्मी वर्मा, सूरज सीतापुरी और गुरु शरण त्रिपाठी ने भी अपनी बेहतरीन रचनाओं से समां बांधा। इनके अलावा आकाश मौर्य, आराधना श्रीवास्तव, गीता श्रीवास्तव, राम किशोर श्रीवास्तव, विदुषी विदु, अनामिका वैश्य 'आईना' और झंकार नाथ शुक्ला ने भी काव्य पाठ किया।इस अवसर पर संस्कार भारती के सह मंत्री मोहित शुक्ला, भव्य श्रीवास्तव, राकेश मिश्रा और शौर्य श्रीवास्तव सहित भारी संख्या में सुधी श्रोता उपस्थित रहे।
दिवंगत साहित्यकार को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह ने सुप्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार रमाकान्त पाण्डेय 'अकेले' के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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