सीतापुर (उत्तर प्रदेश):सिविल लाइन्स स्थित बहुचर्चित 'असरफ मंजिल' को लेकर जिला प्रशासन ने सोमवार को सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। नजूल भूमि पर बने इस परिसर के कब्जेदार को जिलाधिकारी न्यायालय की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया है।
25 बीघा भूमि का मामलाप्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह मामला करीब 25 बीघा नजूल भूमि से जुड़ा है, जिस पर असरफ मंजिल, फुलवारी और एक मस्जिद स्थित है। आरोप है कि इस भूमि का आवंटन वर्ष 1906 में बंग्ला मुंशी के लिए हुआ था, लेकिन लंबे समय से इसके पट्टे का नवीनीकरण नहीं कराया गया है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है।
10 जुलाई तक का मिला समय
प्रशासन ने सोमवार को असरफ मंजिल पहुंचकर नोटिस चस्पा किया। सदर एसडीएम डॉ. जनार्दन ने बताया कि संबंधित पक्षों को 10 जुलाई तक का समय दिया गया है। उन्हें इस अवधि में जिलाधिकारी न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। न्यायालय के आदेश और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही अगली प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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