#सीतापुर: ई-पंजीकरण के विरोध में उतरे बिसवां के दस्तावेज लेखक, अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू.

बिसवां,सीतापुर(उत्तर प्रदेश): तहसील में सोमवार को उस समय कामकाज ठप हो गया जब बिसवां दस्तावेज नवीस संघ के बैनर तले बैनामा लेखकों और स्टांप वेंडरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। प्रदेश सरकार की नई ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में उतरे इन लेखकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
रोजगार छिनने का डर
हड़ताल के कारण तहसील परिसर में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और बैनामा-पंजीकरण का काम पूरी तरह प्रभावित रहा। दस्तावेज लेखकों का कहना है कि सरकार की नई नीतियां उनके अस्तित्व के लिए खतरा बन गई हैं। संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ई-पंजीकरण व्यवस्था को जिस तरह से लागू किया जा रहा है, वह पारंपरिक लेखकों का दमन है। इससे बड़ी संख्या में लेखकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा और वे बेरोजगार हो जाएंगे।
जनसामान्य को हुई भारी परेशानी
लेखन कार्य ठप रहने से तहसील पहुंचे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दूर-दराज के गांवों से आए फरियादी बैनामे और अन्य जरूरी कागजात लिखवाने के लिए भटकते रहे। कई लोग बिना काम कराए ही मायूस होकर वापस लौट गए।
प्रदर्शन के दौरान मौजूद रहे
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान नरेंद्र मिश्रा 'बबबी', शरद मिश्रा, अरुण प्रकाश श्रीवास्तव, कमलेश बाजपेई, अनूप चंद्र अवस्थी, अमित शुक्ला, ज्ञानेंद्र शुक्ला, सरमुन निशा, आशुतोष सिंह और मोहम्मद शोएब सहित बड़ी संख्या में बैनामा लेखक मौजूद रहे सभी ने एक स्वर में सरकार से अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

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