सीतापुर(उत्तर प्रदेश)।जनपद में घटिया और अमानक कृषि रसायनों की बिक्री पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन के निर्देश पर अधिकारियों की टीमों ने जिले की विभिन्न तहसीलों में कीटनाशक प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक छापेमारी की। इस दौरान 11 कीटनाशकों के नमूने लिए गए और अनियमितता पाए जाने पर तीन विक्रेताओं को नोटिस जारी किया गया है।
अभियान के तहत 34 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी
प्रमुख सचिव (कृषि) उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी, सीतापुर के आदेश पर यह व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। उप कृषि निदेशक डॉ. श्रवण कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने जिले की विभिन्न तहसीलों में पहुंचकर दुकानों की जांच की। इस अभियान में कुल 34 कीटनाशी प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई, जिससे जिले के उर्वरक व कीटनाशक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया।
तीन विक्रेताओं को थमाया नोटिस
छापेमारी के दौरान टीम ने गुणवत्ता जांच के लिए कीटनाशकों के 11 नमूने संग्रहित किए। इन नमूनों को आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर रिकॉर्ड का मिलान किया और निर्धारित मानकों के विपरीत कार्य पाए जाने पर 03 विक्रेताओं को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। इन विक्रेताओं से जवाब मांगा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
दोषी पाए जाने पर होगी विधिक कार्रवाई
जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिवशंकर ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नमूने जांच में फेल पाए जाते हैं, तो कीटनाशी अधिनियम-1968 एवं नियमावली-1971 के सुसंगत प्रावधानों के तहत संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कृषि विभाग की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल सुरक्षा के लिए प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त रसायन उपलब्ध कराना है।इस संयुक्त छापेमारी अभियान में तहसील सीतापुर व बिसवां में डॉ. श्रवण कुमार सिंह, सिधौली व महमूदाबाद में जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार तथा महोली, मिश्रिख व लहरपुर में जिला कृषि रक्षा अधिकारी शिवशंकर की टीमों ने भाग लिया।
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