सीतापुर(उत्तर प्रदेश):जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को विकास खंड परसेंडी के दो विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जहां विद्यालयों में अव्यवस्थाएं मिलीं, वहीं पचदेवरा के प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील पंजिका में दर्ज संख्या और मौके पर मौजूद बच्चों की संख्या में भारी अंतर मिलने पर हड़कंप मच गया। बीएसए ने संबंधित इंचार्ज प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
स्वच्छता और व्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
बीएसए ने सर्वप्रथम उच्च प्राथमिक विद्यालय गौरिया झाल कंपोजिट उसके बाद प्राथमिक विद्यालय पचदेवरा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय प्रांगण, कक्षाओं, रसोई-घर और शौचालयों की स्थिति देखी। विद्यालयों में साफ-सफाई के अभाव और लाइटिंग की लचर व्यवस्था पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 'स्वच्छ भारत अभियान' की तर्ज पर विद्यालय परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित की जाए और पाई गई अन्य कमियों को एक सप्ताह के भीतर दूर कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
एमडीएम में पकड़ी गई गड़बड़ी
प्राथमिक विद्यालय पचदेवरा के निरीक्षण के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई। इंचार्ज प्रधानाध्यापक द्वारा एमडीएम पंजिका में 52 बच्चों का भोजन उपभोग दिखाया गया था, जबकि मौके पर दैनिक उपस्थिति पंजिका और भौतिक सत्यापन के दौरान मात्र 28 बच्चे ही उपस्थित मिले। बच्चों की संख्या में इस भारी विसंगति को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने तत्काल इंचार्ज प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
छात्रों से संवाद और अनुशासन पर जोर
निरीक्षण के दौरान बीएसए ने छात्रों के शैक्षिक स्तर को परखा और उनसे पुस्तकें पढ़वाईं। साथ ही, उन्होंने बच्चों से मिड-डे मील की गुणवत्ता और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। बीएसए ने सभी कार्मिकों को समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, छात्रों को स्कूल ड्रेस में आने के लिए प्रोत्साहित करते हुए विद्यालय में अनुशासन और पठन-पाठन का माहौल बेहतर बनाने पर जोर दिया।
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