सीतापुर(उत्तर प्रदेश):बेसिक शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के क्रम में जनपद सीतापुर तथा लखीमपुर-खीरी के समस्त ए.आर.जी., एस.आर.जी., खंड शिक्षा अधिकारियों और डायट मेंटर्स की एक संयुक्त "निपुण संकल्प कार्यशाला" का भव्य आयोजन आज दिनांक 30 जुलाई 2026 को स्थानीय "द नरायना" गेस्ट हाउस में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना और बच्चों को समयबद्ध तरीके से निपुण बनाना है।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ गरिमामयी शुभारंभ
कार्यशाला का विधिवत उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी सीतापुर डॉ. दीक्षा जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी सीतापुर डॉ. राजागणपति आर. ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। अतिथियों का स्वागत करते हुए शिक्षा के स्तर को जमीन पर उतारने के लिए ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया गया।
शिक्षाविदों और प्रशासनिक अधिकारियों की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में दोनों जनपदों के कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं शैक्षणिक अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्राचार्य डायट लखीमपुर खीरी सीमा गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लखीमपुर प्रवीण तिवारी, वरिष्ठ प्रवक्ता डायट सीतापुर विपुल शिवसागर, और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सीतापुर डॉ. गोरखनाथ पटेल शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त, दोनों जनपदों के समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक, एस.आर.जी. और ए.आर.पी. ने भी कार्यशाला में सक्रिय रूप से भाग लिया। परियोजना के तकनीकी पहलुओं और लक्ष्यों को स्पष्ट करते हुए गर्व नागपाल ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया, जिसे उपस्थित सभी शिक्षकों और अधिकारियों ने सराहा।
बच्चों को 'निपुण' बनाने और लर्निंग गैप पाटने का लिया गया संकल्प
कार्यशाला के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सीतापुर डॉ. गोरखनाथ पटेल ने सभी आए हुए अतिथियों, वक्ताओं और दूर-दराज से आए प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को एक संकल्प दिलाया गया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र के विद्यालयों में अध्ययनरत सभी बच्चों को समयबद्ध ढंग से 'निपुण' बनाएंगे। साथ ही, कोविड या अन्य कारणों से बच्चों में आए अधिगम अंतराल को समाप्त करने के लिए पूरी निष्ठा और निरंतरता के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया गया।