महोली,सीतापुर(उत्तर प्रदेश): जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजागणपति आर. ने मंगलवार शाम करीब 5 बजे तहसील महोली का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न पटल पर मिलीं अनियमितताओं पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पंजिकाओं में मिलीं त्रुटियां, नाराजगी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले अंश संशोधन एवं नाम संशोधन पटल पर पहुंचे। वहां रिकॉर्ड का अवलोकन करने पर उन्हें कई त्रुटियां मिलीं, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद उन्होंने एसडीएम कक्ष में जनसुनवाई रजिस्टर की जांच की। इस दौरान कई शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर दर्ज न होने पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और एसडीएम को पंजिकाओं के नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
फीडबैक लेकर परखी हकीकत
जिलाधिकारी ने केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित न रहकर स्वयं रजिस्टर में दर्ज शिकायतकर्ताओं से फोन पर बातचीत की। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लिया और धारा-24 से संबंधित प्रकरणों की गहन जानकारी प्राप्त की। अन्य महत्वपूर्ण पत्रावलियों और अभिलेखों में भी कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।
जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता के निर्देश
निरीक्षण के समापन पर जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि शासन की मंशानुरूप जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो। अधिकारियों को हिदायत दी गई कि शिकायतों के समाधान के लिए वे स्वयं मौके पर जाएं और केवल अधीनस्थ कर्मचारियों के भरोसे कार्य न छोड़ें। इस मौके पर उपजिलाधिकारी शिखा शुक्ला, तहसीलदार और नायब तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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