सीतापुर(उत्तर प्रदेश):राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीतापुर द्वारा गुरुवार को मिश्रिख स्थित स्व० यशोदा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की गई।
निःशुल्क विधिक सहायता पर जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक यादव ने मां सरस्वती की वंदना के साथ किया। सचिव ने छात्राओं को बताया कि प्राधिकरण उन लोगों के लिए ढाल का कार्य करता है जो आर्थिक तंगी के कारण न्याय तक नहीं पहुँच पाते। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ऐसे लोगों को निःशुल्क अधिवक्ता व विधिक परामर्श प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बाल सेवा योजना की दी गई जानकारी
शिविर में डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सुजीत बाजपेई और भूपेन्द्र कुमार दीक्षित ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की बारीकियों से छात्राओं को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह योजना आपदा और कठिन परिस्थितियों में बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक है। इसके अलावा, उन्होंने प्री-लिटिगेशन की प्रक्रिया के बारे में समझाते हुए कहा कि कोर्ट के बाहर भी आपसी सुलह-समझौते से विवादों का निस्तारण किया जा सकता है।
अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान
विद्यालय प्रशासक हरिनाम सिंह ने प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी जानकारी छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम का संचालन गरिमा तिवारी और अभिजीत गौड़ ने किया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी व छात्राएं मौजूद रहीं।
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