सीतापुर(उत्तर प्रदेश): संस्कार भारती जिला समिति द्वारा सिविल लाइंस स्थित भगवान चित्रगुप्त मंदिर परिसर में मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों और प्रबुद्धजनों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से संस्कारों की महत्ता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संस्था के संरक्षक डॉ. सतीश चंद्र वर्मा ने कहा कि मानव जीवन को सार्थक बनाने के लिए संस्कारों का होना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यक्ति के व्यक्तिगत उत्थान के साथ-साथ राष्ट्र के विकास के लिए भी संस्कार ही नींव का काम करते हैं। सरस्वती वंदना के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में साहित्य मंत्री एवं संयोजक जी.एल. गांधी ने भजन और भक्ति पर अपने विचार रखे।
कवि हरेंद्र विक्रम सिंह ने अपनी काव्य पंक्तियों से श्रोताओं को जीवन के दर्शन से रूबरू कराया। कार्यक्रम में प्रांतीय पदाधिकारी इंजी. अम्बरीष श्रीवास्तव 'अम्बर' ने बेटी की महत्ता और उसकी पवित्रता को नर्मदा और गंगा की उपमा देते हुए अत्यंत भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। कवयित्री बिंदु प्रभा ने प्रकृति के संरक्षण और परस्पर सहयोग की भावना का आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी को किसी का हक छीनने के बजाय मिल-जुलकर रहने का प्रयास करना चाहिए।
गोष्ठी का सफल संचालन संस्था के महामंत्री अशोक मिश्र ने किया। उन्होंने समसामयिक विषयों पर आधारित सुंदर गीत और मुक्तक प्रस्तुत कर वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा भर दी। इस अवसर पर स्थानीय साहित्य प्रेमियों और नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने कवियों की प्रस्तुतियों को खूब सराहा।
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