#सीतापुर: अवैध संबंधों में बाधक बनी महिला की निर्मम हत्या, 48 घंटे में तीन गिरफ्तार.

सीतापुर(उत्तर प्रदेश): जनपद के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में पिंकी गुप्ता हत्याकांड का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। अवैध संबंधों की काली छाया में रची गई इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक महिला समेत तीन हत्याभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। घटनास्थल से बरामद खून से सना लोहे का बेलचा इस जघन्य वारदात की गवाही दे रहा है।
प्रेम-त्रिकोण बना काल, रची गई रोंगटे खड़े करने वाली साजिश
मामले की जांच में पुलिस को जो तथ्य मिले हैं, वे हैरान करने वाले हैं। मुख्य आरोपी शिवप्रकाश शुक्ला, जो मृतका पिंकी गुप्ता का करीबी था, वह एक अन्य महिला लक्ष्मी वर्मा के भी प्रेम जाल में फंसा था। लक्ष्मी का मृतका को लेकर वर्चस्व का विवाद इस कदर बढ़ गया कि उसने पिंकी को 'रास्ते से हटाने' का फरमान सुना दिया। शिवप्रकाश ने अपनी हवस और जिद के आगे रिश्तों का कत्ल करते हुए लक्ष्मी की साजिश पर मुहर लगा दी।
सोते हुए किया वार, खामोश कर दी जिंदगी
इस वीभत्स घटना को अंजाम देने के लिए शिवप्रकाश ने अपने साथी दिलीप कुमार रैदास के साथ मिलकर एक जाल बुना। 3 जुलाई की सुबह करीब 8:40 बजे तीनों आरोपी पिंकी के घर में दाखिल हुए। नींद की आगोश में सो रही पिंकी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और आरोपियों ने लोहे के बेलचे से ताबड़तोड़ प्रहार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद वे कमरे को बाहर से बंद कर अपनी करतूत छिपाते हुए रफूचक्कर हो गए थे।
 पुलिस का 'ऑपरेशन शिकंजा' और आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के सख्त निर्देशों के बाद कोतवाली देहात और एसओजी की संयुक्त टीम ने दिन-रात एक कर इस हत्याकांड की परतें उधेड़ दीं। ग्राम मधवापुर के समीप घेराबंदी कर पुलिस ने तीनों हत्यारों को धर दबोचा।
ऑपरेशन में शामिल टीम:
इस सफल खुलासे में कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह, उ0नि0 राजेश कुमार दीक्षित, उ0नि0 रामचन्द्र यादव, का0 सौरभ कुमार, का0 अजीत सिंह, रि0म0आ0 शिवानी, रि0म0आ0 प्रीति तोमर व का0 चालक नीरज कुमार तथा एसओजी के निरीक्षक सतेन्द्र विक्रम सिंह, उ0नि0 अरविन्द शुक्ला, हे0का0 शराफत अली, हे0का0 गुरपाल, हे0का0 अविनाश, का0 दीपक, म0का0 डॉली रानी, का0 भानू राठी एवं का0 फूल कुमार की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। आरोपियों को अब माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजा जा रहा है।

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