#सीतापुर:डॉ. सतीश चंद्र वर्मा को महर्षि वेदव्यास सम्मान, गूंजे सृजन के स्वर.

सीतापुर(उत्तर प्रदेश):गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर संस्कार भारती जिला समिति सीतापुर के तत्वावधान में लोहार बाग स्थित शिव प्रताप जायसवाल के आवास पर एक भव्य विचार एवं काव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और लक्ष्मी वर्मा द्वारा प्रस्तुत वंदना के साथ हुआ।
गुरु महिमा और विचार गोष्ठी
समारोह की अध्यक्षता करते हुए संस्था अध्यक्ष शिवप्रताप जायसवाल ने गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए अपने विचार रखे। इस अवसर पर प्रांतीय टोली सदस्य इंजी. अम्बरीष श्रीवास्तव 'अम्बर' ने गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन व्यक्तियों के कोई भौतिक गुरु नहीं हैं, वे भगवान शिव, भगवान विष्णु या देवगुरु बृहस्पति को अपना गुरु मानकर उनका मानसिक पूजन कर सकते हैं।
डॉ. सतीश चंद्र वर्मा का सम्मान
समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में विशिष्ट अतिथि एवं साहित्यकार डॉ. सतीश चंद्र वर्मा को संस्था की ओर से 'महर्षि वेद व्यास सम्मान' से अलंकृत किया गया। सम्मान प्राप्त करने के पश्चात डॉ. वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु और शिष्य का संबंध भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। इस दौरान विशिष्ट अतिथि कार्तिकेय शुक्ल ने भी अपने प्रेरक विचार रखे। रामेश्वर प्रसाद गप्पू ने संस्कार भारती का परिचय देते हुए संस्था के संस्थापक बाबा योगेंद्र जी के जीवन वृत्त पर विस्तार से प्रकाश डाला।
काव्यगोष्ठी में गूंजे सृजन के स्वर
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में आयोजित भव्य काव्यगोष्ठी में जनपद के प्रतिष्ठित कवियों और रचनाकारों ने अपनी कविताओं से समां बांध दिया। मंच संचालन कर रहे महामंत्री अशोक मिश्र ने अपनी मार्मिक रचना से सभी को मंत्रमुग्ध किया। इसके अलावा शिव प्रताप सिंह शौर्य, भगवती गुप्त, लक्ष्मी वर्मा, सुनीता यादव, रामदास वैश्य 'रामू', जी.एल. गांधी, अरुण शर्मा 'बेधड़क', रामकिशोर श्रीवास्तव और गीता श्रीवास्तव ने भगवान श्रीकृष्ण, राम और विभिन्न सामाजिक विषयों पर अपनी सुंदर रचनाएं प्रस्तुत कीं। अंत में सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया गया। इस भव्य आयोजन में प्रतिमा जायसवाल, नेक लाल, अनुराग शुक्ला, संतोष शुक्ला एवं पुष्पेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और संस्कार भारती के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ