बिसवां,सीतापुर(संवाददाता): राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वावधान में सेठ देवेश्वर दयाल मांटेसरी स्कूल में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चतुर्थ मासिक काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी रवीन्द्र नाथ मिश्र ने की तथा संचालन जिलाध्यक्ष आनंद खत्री द्वारा किया गया।
दीप प्रज्वलन व दिव्या वर्मा की सरस्वती वंदना से आरंभ हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि साहित्य भूषण कमलेश मौर्य 'मृदु' रहे। गोष्ठी में उत्कृष्ट छंदकार कवि घनश्याम शर्मा को 'चतुर्थ काव्य मुक्ता सम्मान' से नवाजा गया।
काव्य पाठ करते हुए कमलेश मौर्य 'मृदु' ने ओजस्वी स्वर में कहा— "जिस दिन राष्ट्रीयता की पहचान हेतु वंदे मातरम् मानदंड बन जाएगा, उसी दिन भारत अखंड बन जाएगा।" वहीं रामदास गुप्ता 'रतन', अरविंद सिंह 'मधुप', धर्मेंद्र त्रिपाठी 'धवल' और विजय रस्तोगी ने देशभक्ति रचनाओं से समां बांध दिया। प्रबंधक महेश चंद्र मेहरोत्रा 'बबुआ जी' ने अतिथियों का अभिनंदन किया। अंत में जिलाध्यक्ष आनंद खत्री ने सभी का आभार जताया।


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