#सीतापुर:आरटीओ के औचक निरीक्षण से एआरटीओ दफ्तर में मचा हड़कंप, आवेदकों से लिया फीडबैक.

खैराबाद,सीतापुर(उत्तर प्रदेश): परिवहन आयुक्त के निर्देश पर शनिवार को गोंडा मंडल के संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश कुमार मौर्य ने खैराबाद स्थित सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। आरटीओ के अचानक पहुंचने से दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, जांच के दौरान सभी अधिकारी और लिपिक अपनी सीटों पर मौजूद मिले। आरटीओ ने पटलों, रिकॉर्ड रूम, वाहन फिटनेस यार्ड और ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को जनता से सीधे जुड़े कार्यों में पारदर्शिता बरतने के कड़े निर्देश दिए।


सीधे आवेदकों से पूछा—कर्मचारियों का व्यवहार कैसा है?

आरटीओ राजेश कुमार मौर्य ने कार्यालय परिसर में काम कराने आए आवेदकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों से पूछा कि आवेदन प्रक्रिया में कोई परेशानी तो नहीं आई, कर्मचारियों का व्यवहार कैसा रहा और क्या किसी काम के बदले अतिरिक्त पैसों की मांग की गई। आवेदकों के जवाब से उन्होंने संतुष्टि जाहिर की। आरटीओ ने सख्त लहजे में कहा कि परिसर में किसी भी बिचौलिए या अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश बर्दाश्त नहीं होगा। यदि कोई भी कर्मी या बाहरी व्यक्ति काम के नाम पर अवैध धन मांगता है, तो इसकी सूचना तुरंत एआरटीओ को दें।

फिटनेस जांच में पारदर्शिता और सिम्युलेटर का परीक्षण

फिटनेस यार्ड पहुंचे आरटीओ ने परीक्षण के लिए आए वाहनों की यांत्रिक स्थिति स्वयं देखी और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर संजय कुमार से मानकों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाहनों की फिटनेस में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। इसके बाद उन्होंने दीपक इन्फोटेक द्वारा संचालित ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का रुख किया। वहां उन्होंने अब तक आए अभ्यर्थियों का ब्योरा लेने के साथ ही ड्राइविंग सिम्युलेटर और सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता जांची और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

बिना आई-कार्ड मिले कर्मचारी, ऑनलाइन सेवाओं के प्रचार पर जोर

विभिन्न पटलों की जांच के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस  बायोमेट्रिक पर तैनात कर्मचारी बिना पहचान पत्र के कार्य करते मिले। कर्मचारियों द्वारा कंपनी से आई-कार्ड न मिलने की बात कहने पर आरटीओ ने तत्काल संबंधित कंपनी से पत्राचार कर कार्ड जारी कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एआरटीओ प्रशासन सर्वेश चतुर्वेदी ने उन्हें विभागीय प्रगति की जानकारी दी। आरटीओ ने मातहतों को निर्देशित किया कि आवेदकों की समस्याओं का तुरंत निस्तारण हो और विभाग की 'घर बैठे' मिलने वाली ऑनलाइन सेवाओं का व्यापक प्रचार किया जाए ताकि जनता को दफ्तर के बेवजह चक्कर न काटने पड़ें।

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