सीतापुर(उत्तर प्रदेश)। जनपद में सड़कों पर तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। एआरटीओ प्रशासन सर्वेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले बाइक सवारों पर कार्रवाई की गई। विभाग की इस कार्रवाई से मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर आमजन की शांति भंग करने वालों में हड़कंप मच गया है।
दुकानों पर भी हुई छापामारी
एआरटीओ प्रशासन सर्वेश चतुर्वेदी ने बताया कि यह अभियान उन बाइक सवारों को चिन्हित करने के लिए चलाया गया, जो मॉडिफाइड साइलेंसर के जरिए तेज आवाज कर सड़कों पर फर्राटा भरते हैं। कार्रवाई के दौरान विभाग ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन चेकिंग की। साथ ही, शहर स्थित राय ऑटोमोबाइल्स, पहवा ऑटोमोबाइल्स और हाशिम मंसूरी मो. सायकल वर्कशॉप आदि पर जाकर भी जांच की गई, ताकि अवैध रूप से साइलेंसर बदलने के कार्यों पर लगाम लगाई जा सके।
15 हजार रुपये तक का हो सकता है जुर्माना
विभाग द्वारा चलाए गए इस अभियान में कुल 20 बाइकों का चालान किया गया, जबकि दो वाहनों की स्थिति अत्यंत गंभीर पाए जाने पर उन्हें सीज कर दिया गया। एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत बाइक में मॉडिफाइड साइलेंसर लगवाना पूरी तरह गैरकानूनी है। ध्वनि प्रदूषण फैलाने पर 10,000 रुपये और वाहन में अनाधिकृत बदलाव मोडिफिकेशन करने पर 5,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
अभियान रहेगा जारी
परिवहन विभाग का कहना है कि मॉडिफाइड साइलेंसर न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे फैलने वाला ध्वनि प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और नागरिकों के लिए भारी असुविधा का कारण बनता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा।
कार्रवाई के दौरान पीटीओ एम.ए. आब्दीन सहित प्रवर्तन दस्ते के आरक्षी मौजूद रहे।
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