सीतापुर(उत्तर प्रदेश)। जनपद के पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले स्थल मिश्रिख स्थित महर्षि दधीचि कुंड के पुनरुद्धार और विकास की राह अब प्रशस्त हो गई है। कुंड को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें इसके कायाकल्प के लिए विस्तृत कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया।
महर्षि दधीचि की तपोभूमि के रूप में विख्यात मिश्रिख स्थित यह कुंड न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व भी अद्वितीय है। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि इस स्थल को पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। कार्ययोजना के तहत कुंड के जीर्णोद्धार के साथ-साथ वहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं का सृजन किया जाएगा।
कुंड के चारों ओर घाटों का सुंदरीकरण और पाथ-वे का निर्माण किया जाएगा, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके स्थल पर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल और बैठने के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी इस पौराणिक स्थल को धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़कर अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
कुंड की पवित्रता बनाए रखने के लिए संरक्षण कार्य और नियमित रखरखाव के लिए ठोस योजना तैयार की गई है।जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्य इस प्रकार कराए जाएं कि स्थल की ऐतिहासिक और पौराणिक गरिमा अक्षुण्ण रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मिश्रिख को एक ऐसे पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था और संस्कृति दोनों को गति प्रदान कर सके।
बैठक में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही विकास विभाग के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कार्ययोजना को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए हैं, जिससे जल्द ही पर्यटकों को महर्षि दधीचि कुंड का नया और दिव्य स्वरूप देखने को मिलेगा।
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