सीतापुर(उत्तर प्रदेश)।जिला कारागार में शनिवार को जेल अधीक्षक प्रीती यादव के नेतृत्व में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से कारागार में निरूद्ध दिव्यांग बंदियों को उनके जीवन को सुगम बनाने के लिए आवश्यक सहायता सामग्री प्रदान की गई। जेल प्रशासन की इस सुधारवादी और संवेदनशील पहल की हर तरफ चर्चा हो रही है।
जरूरतों को समझकर की गई मदद
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग बंदियों की शारीरिक आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा गया। जिला दिव्यांगजन विभाग के सहयोग से चिन्हित किए गए बंदियों को वॉकर और श्रवण यंत्र वितरित किए गए। प्रभारी जेलर श्रीधर यादव ने विभागीय समन्वय स्थापित कर इन सामग्रियों की आपूर्ति को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित कराया।
सुधारवादी दृष्टिकोण का प्रमाण
जेल अधीक्षक सुश्री प्रीती यादव ने कहा कि कारागार केवल सजा का स्थान नहीं, बल्कि सुधार का केंद्र है। इन बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इस मानवीय कार्य में कारागार चिकित्साधिकारी डॉ. पीयूष पाण्डेय का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने चिकित्सा परीक्षण के आधार पर बंदियों को आवश्यक उपकरण दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रमुख लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों और अधिकारियों ने भी बंदियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में डॉ. अनुपम मिश्रा, डॉ. जितेन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. इन्देश्वर वर्मा, डॉ. श्रेय डोडेजा और डॉ. निरूपमा जायसवाल प्रमुख रूप से मौजूद रहे। साथ ही उपकारापाल श्री अली अदनान, फार्मासिस्ट श्री धीरेन्द्र श्रीवास्तव और श्री केशरी नन्दन सहित कारागार का अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
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