#सीतापुर: आउट ऑफ स्कूल बच्चों को पढ़ाएंगे विशेष प्रशिक्षक, चयन प्रक्रिया शुरू

सीतापुर(उत्तर प्रदेश)जनपद के आउट ऑफ स्कूल और ड्रॉप आउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। शारदा कार्यक्रम के तहत 7 से 14 वर्ष तक के ऐसे बच्चों को चिह्नित कर उन्हें आयु के अनुरूप कक्षाओं में प्रवेश दिलाया जाएगा। इन बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देने के लिए विभाग द्वारा 'विशेष प्रशिक्षकों'  नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, विशेष प्रशिक्षकों का चयन पूरी तरह से अस्थायी होगा, जो 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगा।
ये हैं चयन के मुख्य बिंदु:
 चयन प्रक्रिया:विशेष प्रशिक्षक या वालंटियर के चयन के लिए विद्यालय प्रबंध समिति की 04 सदस्यीय उप-समिति निर्णय लेगी। जिन विद्यालयों में 05 से अधिक आउट ऑफ स्कूल बच्चे चिह्नित होंगे, वहां एक विशेष प्रशिक्षक तैनात किया जाएगा।
 वरीयता क्रम:चयन में सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि सेवानिवृत्त शिक्षक उपलब्ध नहीं होते हैं, तो वालंटियर का चयन किया जाएगा। वालंटियर के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष निर्धारित है। साथ ही, वालंटियर का उसी ग्राम पंचायत का निवासी होना अनिवार्य है।
 शैक्षिक योग्यता: वालंटियर के चयन में स्नातक के साथ डीएलएड, बीटीसी या बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी। मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया संपन्न होगी।
 मानदेय:चयनित विशेष प्रशिक्षकों को 4000 रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा, जिसका भुगतान विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा किया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप पर अपना आवेदन पत्र फोटो और शैक्षिक प्रमाण पत्रों की छायाप्रति के साथ अपने विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्रभारी के पास जमा कर सकते हैं। इसकी एक प्रति खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी जमा करनी होगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि चयन से संबंधित कोई भी शिकायत होने पर विद्यालय प्रबंध समिति का निर्णय अंतिम माना जाएगा। पूरी चयन प्रक्रिया की कार्रवाई एसएमसी बैठक रजिस्टर में दर्ज की जाएगी।


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