सीतापुर(उत्तरप्रदेश)उत्तर प्रदेश की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में धोखाधड़ी कर सहायक अध्यापक की नौकरी पाने वाले एक शिक्षक के विरुद्ध प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। फर्जी और कूटरचित यूपीटीईटी अंकपत्र के सहारे प्राथमिक विद्यालय कोरैया गंगादास में कार्यरत शिक्षक नरेन्द्र सिंह को न केवल पद से बर्खास्त कर दिया गया है, बल्कि उसके विरुद्ध लहरपुर कोतवाली में सुसंगत धाराओं में गंभीर मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।हाथरस जनपद के निवासी नरेन्द्र सिंह ने 1 जुलाई 2024 को हरगाँव विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कोरैया गंगादास में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। नियुक्ति के समय उनके द्वारा वर्ष 2014 का यूपीटीईटी अंकपत्र प्रस्तुत किया गया था। जब उनके अंकपत्र का ऑनलाइन सत्यापन नहीं हो पाया, तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने इसे ऑफलाइन सत्यापन के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी, प्रयागराज भेजा। विभाग से प्राप्त गोपनीय रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि उक्त अनुक्रमांक का कोई अंकपत्र कार्यालय अभिलेखों में मौजूद ही नहीं है और प्रस्तुत किया गया प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी व कूटरचित है।
दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा पाए जाने पर बीएसए सीतापुर द्वारा नरेन्द्र सिंह को सेवा समाप्ति का नोटिस देकर 15 दिनों के भीतर साक्ष्य प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया गया था। इसके बावजूद, शिक्षक की ओर से कोई संतोषजनक उत्तर या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह प्रमाणित हो गया कि उन्होंने धोखाधड़ी से नौकरी प्राप्त की है।
जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के सख्त निर्देशों के अनुपालन में, खंड शिक्षा अधिकारी हरगाँव, रमा कान्त मौर्य ने 15 अप्रैल 2026 को थाना लहरपुर में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने नरेन्द्र सिंह के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा संख्या 0117 पंजीकृत कर लिया है। मामले की जांच निरीक्षक सुरेश कुमार पटेल को सौंपी गई है। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने वाले अन्य संदिग्धों में हड़कंप मच गया है।
0 टिप्पणियाँ