सीतापुर(उत्तर प्रदेश) जनपद में रबी की फसलों की बुवाई के बीच उर्वरक की उपलब्धता और सुचारू वितरण को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कृषि एवं सहकारिता विभाग की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तीन दिन में खंगाले जाएंगे सभी उर्वरक प्रतिष्ठान
बैठक के दौरान डॉ. दीक्षा जोशी ने सख्त निर्देश दिए कि अगले तीन दिनों के भीतर जनपद के समस्त उर्वरक प्रतिष्ठानों और निजी दुकानों की सघन जांच की जाए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्टॉक की वास्तविक स्थिति का पता लगाना और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी को रोकना है।
टैगिंग पर होगी कड़ी कार्रवाई
अक्सर यह शिकायतें आती हैं कि उर्वरक के साथ दुकानदार अन्य अनावश्यक उत्पाद किसानों को थमा देते हैं। सी डी ओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि टैगिंग करने वाले विक्रेताओं पर तत्काल कार्रवाई की जाए। यदि कोई दुकानदार खाद के साथ जबरन कोई दूसरा सामान बेचता पाया गया, कठोर कार्यवाही की जाएगी।
अनावश्यक भंडारण पर रोक
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी ने बैठक में निर्देश दिए कि खाद का संतुलित और समान वितरण सुनिश्चित किया जाए, जिसके लिए किसी भी प्रतिष्ठान द्वारा अनावश्यक भंडारण पर पूर्ण रोक रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी जोत और फसल की जरूरत के आधार पर ही उर्वरक दिया जाए, ताकि वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।
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