#सीतापुर: अधिकारियों की मिलीभगत से बदला पिता का नाम, कोर्ट के आदेश पर छह के खिलाफ केस


सीतापुर( उत्तर प्रदेश)।सीतापुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर पिता का नाम बदलने और फर्जी पहचान पत्र बनवाने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, एआरटीओ और पूर्ति निरीक्षक समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
बाराबंकी निवासी विनय कुमार ने न्यायालय को बताया कि उनकी मां रुकमिणी देवी के पिता स्व. सोहन लाल का निधन वर्ष 1972 में हो गया था। उनकी नानी राजेश्वरी देवी ने सोहन लाल के सगे भाई ओम प्रकाश से विवाह कर लिया, जिनसे आरोपी मनोज कुमार का जन्म हुआ। आरोप है कि मनोज कुमार ने स्कूल के दस्तावेजों में अपने असली पिता ओम प्रकाश का नाम दर्ज रखा, लेकिन वर्ष 1995 में तत्कालीन ग्राम प्रधान व चकबंदी अधिकारी से मिलकर राजस्व अभिलेखों में अपना नाम 'मनोज कुमार पुत्र सोहन लाल' दर्ज करवा लिया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी फर्जी पहचान के आधार पर आरोपी ने ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड और राशन कार्ड बनवा लिए। इसके अलावा, तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत से उसने तहसील लहरपुर से सामान्य निवास व आय प्रमाण पत्र भी हासिल कर लिए। पीड़ित विनय कुमार ने बताया कि वर्ष 2020 से ही उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, डीजीपी और मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई, लेकिन कहीं से भी न्याय न मिलने पर अंततः न्यायालय की शरण ली।
इस संबंध में लहरपुर कोतवाली में भादंसं 1860 की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक मनोज कुमार गुप्ता को सौंपी गई है। इंस्पेक्टर लहरपुर के अनुसार, न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


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