सीतापुर(उत्तर प्रदेश)। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के चलते अग्निकांड की घटनाओं में इजाफा होने की संभावना बनी रहती है। इसे देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सतर्कता बढ़ा दी है। अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह ने आमजन, दुकानदारों और किसानों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है, ताकि अग्निकांड की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
घर और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देश:
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि अधिकांश आग की घटनाएं छोटी-छोटी लापरवाही के कारण होती हैं। इनसे बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय अनिवार्य हैं:
विद्युत सुरक्षा: घर की वायरिंग की समय-समय पर जांच कराएं। केवल आई.एस.आई. मार्क वाले उपकरणों का ही उपयोग करें। एक ही सॉकेट पर अधिक लोड न डालें। सोते समय सभी बिजली के उपकरण बंद करना सुनिश्चित करें।
रसोई में सावधानी:गैस सिलेंडर हमेशा सीधा रखें। पाइप और रेगुलेटर की नियमित जांच करते रहें। रसोई में एक अग्निशमन यंत्र का होना अनिवार्य है। घर के छोटे बच्चों को माचिस और लाइटर से दूर रखें।
व्यापारिक प्रतिष्ठान: प्रत्येक दुकान या प्रतिष्ठान में अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखें और उनकी वैधता की जांच करते रहें। दुकानों के बाहर अतिक्रमण न करें ताकि आपातकालीन स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आसानी से पहुंच सकें।
कृषि क्षेत्र: किसानों को सलाह दी गई है कि फसल अवशेष जलाने से बचें। खेतों के पास पानी की व्यवस्था रखें और बिजली के तारों के नीचे सूखी घास या फसल का भंडारण न करें।
आपातकाल में क्या करें और क्या न करें:
अपर जिलाधिकारी ने आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य से काम लेने की अपील की है।
लगते ही तुरंत फायर ब्रिगेड 101 एवं स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। सुरक्षित स्थान की ओर निकलें और लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करें। यदि कपड़ों में आग लग जाए, तो 'रुकें, झुकें और लुढ़कें' का पालन करें। धुएं से बचने के लिए झुककर या घुटनों के बल चलें
विद्युत उपकरण में लगी आग पर पानी का प्रयोग बिल्कुल न करें। गैस रिसाव होने पर बिजली का कोई भी स्विच ऑन या ऑफ न करें। बिना उचित प्रशिक्षण के आग बुझाने का प्रयास न करें, विशेषकर रासायनिक आग के मामले में। अफवाहों पर ध्यान न दें और घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इन मानकों का पालन करने की अपील की है ताकि सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
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