प्रशासन का दखल और आपत्तियों का निस्तारण
अधिकारियों के मुताबिक, इस ज़मीन पर जुनैद अंसारी और इश्तियाक नामक व्यक्तियों द्वारा खेती की जा रही थी और बाउंड्री वॉल का निर्माण कर इसे घेरा गया था। जिलाधिकारी के आदेश पर पहले भी नोटिस जारी किया गया था, जिसके जवाब में कब्जेदारों ने अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराई थीं।
प्रशासनिक जांच के बाद जिलाधिकारी ने उन आपत्तियों को खारिज कर दिया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यह भूमि पूरी तरह से नजूल संपत्ति है और इस पर किया गया कोई भी निर्माण या गतिविधि अवैध है।
15 दिनों की मोहलत और पुलिस बल की तैयारी
प्रशासन ने अब कब्जेदारों को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। आदेश के अनुसार, यदि तय समय सीमा के भीतर ज़मीन खाली नहीं की गई, तो प्रशासन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचकर ज़मीन को कब्ज़ा मुक्त कराएगा। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण को ढहाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
कमाल सराय सराय में भी चलेगा अभियान
खैराबाद के ही कमाल सराय इलाके में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहाँ शफीकुन निशा पर नजूल की ज़मीन पर अवैध रूप से दुकानों का निर्माण करने का आरोप है। प्रशासन ने इस मामले में भी कड़ी कार्रवाई करते हुए 15 दिन के भीतर दुकानें हटाने का निर्देश दिया है।सीतापुर में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे इस अभियान ने इलाके के भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। अब सबकी नज़रें 15 दिन की समय सीमा खत्म होने पर टिकी हैं।
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